चरित्र पर वार और सांप की फितरत, एक गहन वैचारिक विश्लेषण।

डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह,सहज़,हरदा, मध्य प्रदेश हेडिंग में दिए गए ये सुनहरे और यथार्थवादी शब्द मानवीय रिश्तों, दोस्ती की नाज़ुकता और धोखे की कड़वी सच्चाई को बेहद प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करते हैं: “क़िरदार पर वार करने वालों को दोबारा दोस्त न बनाएं, सांप की रंगत बदल भी जाए तो रहता वह सांप ही है!” … Continue reading चरित्र पर वार और सांप की फितरत, एक गहन वैचारिक विश्लेषण।