जनसंघर्ष नहीं, दरबारी राजनीति का पुरस्कार- राज्यसभा?

हाशिये पर जाती कांग्रेस का सूरत-ए-हाल, अंधा बांटे रेवड़ी-रितेश सिन्हा कांग्रेस का संकट केवल चुनावी पराजय का नहीं है, बल्कि उस राजनीतिक संस्कृति का है जिसने पार्टी को जनता से दूर और दरबार के करीब पहुंचा दिया है। जिस पार्टी ने कभी गांव-गांव से नेतृत्व खड़ा किया था, वही पार्टी आज राज्यसभा की सीटों को … Continue reading जनसंघर्ष नहीं, दरबारी राजनीति का पुरस्कार- राज्यसभा?