नागपंचमी, ​विष से अमृत तक, सर्प संस्कृति और भारतीय अध्यात्म की यात्रा

डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह सहज़, हरदा, मध्य प्रदेश हमारी प्राचीन परंपराएं मात्र रीति-रिवाजों या कर्मकांडों का संग्रह नहीं हैं, बल्कि वे अस्तित्व के विज्ञान और ब्रह्मांडीय संतुलन के गहरे दर्शन पर आधारित हैं। आधुनिक युग में जहां पर्यावरण और मनुष्य के बीच एक कृत्रिम दीवार खड़ी हो चुकी है, वहीं हमारे पर्व हमें हमारी मूल … Continue reading नागपंचमी, ​विष से अमृत तक, सर्प संस्कृति और भारतीय अध्यात्म की यात्रा