बलड़ी, इतिहास के पन्नों में खोया हुआ एक ख़ूबसूरत अफ़साना

डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह सहज़, हरदा, मध्य प्रदेश दुनिया कहती है कि पानी केवल प्यास बुझाता है, लेकिन पूछिए उन आँखों से जिन्होंने अपने आँखों के सामने अपने ही गाँव को जलसमाधि लेते देखा है। उनके लिए वह पानी केवल ‘इंदिरा सागर’ का जलाशय नहीं था, बल्कि उनकी मिट्टी, उनकी तहज़ीब, और उनके बचपन पर … Continue reading बलड़ी, इतिहास के पन्नों में खोया हुआ एक ख़ूबसूरत अफ़साना