खैर छोड़िए सारी बातें! फोटो में जो सन्यासी दिख रहे हैं आप पूज्य दंडी स्वामी देवानंद सरस्वती जी महाराज है जो राजगुरु मठ के महंत और अध्यक्ष हैं।

भूमिहार ब्राह्मण समाज अपने अंतरकलह, आत्ममुग्धता , अति महत्वाकांक्षा के साथ-साथ अपने अहंकार के कारण अपने पतन के सारे रास्ते स्वयं प्रसस्त कर रहा है! (कहने के लिए बहुत है लेकिन समझने के लिए एक बात कह रहा हु बरमेश्वर मुखिया की हत्या) क्योंकि एक धार्मिक नेतृत्व आपका निकलता है तो उसके पीछे आप इस तरह से पड़े हैं जैसे वह आपका संपत्ति लूट रहा है?जबकि वह आपको दे रहा है! खैर छोड़िए सारी बातें! फोटो में जो सन्यासी दिख रहे हैं आप पूज्य दंडी स्वामी देवानंद सरस्वती जी महाराज है जो राजगुरु मठ के महंत और अध्यक्ष हैं।किसी संन्यासी का विरोध करने वाले लोग अलग-अलग खेमा बनाकर के एक युद्ध छेड़े हुए हैं बताएंगे कि क्या उन्होंने देवानंद जी की कभी सुध ली कभी चिंता किया कि उनका इलाज कौन करवा रहा है?उनका भोजन कौन देख रहा है? वह कैसे आते जाते हैं,किस गाड़ी से चलते हैं,पैदल चलते हैं या विदाउट टिकट चलते हैं? कितनी उम्र हो गई कहां रहते हैं और तो और जो लोग गुरु शिष्य के बीच युद्ध करवाने के लिए आतुर रहते हैं शिष्य तो मौन है गुरु भी समझदार होंगे तो वह भी कुछ कर ही रहे होंगे ।।एक से लड़ रहे है तो दूसरे की सेवा करके अपने सही होने का प्रमाण दे



