मरी संवेदनायेँ , तानाशाही का अलग रूप, दिन व दिन मरते देश के नौजवान, देश बर्बाद ऐसे ही होता है क्या?
रहिमन चुप हो बैठिये, देखि दिनन के फेर।जब नीके दिन आइहैं, बनत न लगिहैं देर॥ नर्क किसे कहते हैं? नर्क उस जगह और हालात का संयोग है। जहां वेदना तो होती है पर सम्वेदना मर जाती है। नर्क अक्सर सुंदर होता है वह आकर्षित करता है। और हमें पहले उसकी आदत होने लगती है फिर … Continue reading मरी संवेदनायेँ , तानाशाही का अलग रूप, दिन व दिन मरते देश के नौजवान, देश बर्बाद ऐसे ही होता है क्या?
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