“विश्वास के दम पर खड़े सपने” “असंभव जैसे शब्दो को नहीं पहचानते !! साबित करते राहुल गांधी

विश्वास के दम पर खड़े सपने असंभव जैसे शब्दों को नहीं पहचानते: राजनीति के रण में नए प्रतिमान स्थापित करते राहुल गांधी क्या आपने पुणे की छात्रों की गूंज देखा ? क्या वहाँ उठे सभी सवालों का जवाब आपके पास है ? क्या हम ऐसा ही शासक चाहते है जो आज है ? सोचिये और … Continue reading “विश्वास के दम पर खड़े सपने” “असंभव जैसे शब्दो को नहीं पहचानते !! साबित करते राहुल गांधी