समझोगे  किस अंगारे पर हाथ लगाया तुमने।

डॉ.मुश्ताक़ अहमद शाह, सहज़,हरदा, मध्य प्रदेश मेरी आह की अगन हां तुम्हें मालूम नहीं है, हो जाओगे बर्बाद सच्चाई से मुंह छुपाया तुमने। ​वफ़ा की राह में जो खो दिया वो पाक ईमां था, अफ़सोस! उस ईमां को बेईमान बताया तुमने। ​छुपाकर आस्तीं में अपनी मक्कारियों के ख़ंजर, मसीहा बनके मेरे ही यक़ीं का ख़ूं … Continue reading समझोगे  किस अंगारे पर हाथ लगाया तुमने।