समय प्रज्ञा मिश्रा के साथ खड़े रहने का: स्वतंत्र पत्रकारिता और लोकतंत्र की साख

प्रज्ञा मिश्रा आज सिर्फ एक पत्रकार नहीं, बल्कि खोई हुई पत्रकारिता की साख को वापस लाने का एक आंदोलन हैं। उनके उठाए सवाल देश के हर उस नागरिक के सवाल हैं जो एक बेहतर, पारदर्शी और न्यायप्रिय भारत की कल्पना करता है। इतिहास गवाह है कि जब-जब सच को दबाने की कोशिश की गई है, … Continue reading समय प्रज्ञा मिश्रा के साथ खड़े रहने का: स्वतंत्र पत्रकारिता और लोकतंत्र की साख