बिहार के 24वाँ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी होंगे। चयनित मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मुझे उम्मीद है कि आपके नेतृत्व में बिहार प्रगति, विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

राबड़ी देवी के बाद बिहार के सबसे कम पढ़े-लिखे मुख्यमंत्री होंगे सम्राट चौधरी। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने पर उनके पिता शकुनी चौधरी भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि सम्राट ने बचपन में ही उनसे मुख्यमंत्री बनने का वादा किया था, जिसे आज पूरा किया। शकुनी चौधरी ने अपने राजनीतिक संघर्ष, कांग्रेस से धोखे और नाबालिग सम्राट की गिरफ्तारी का जिक्र किया। बीजेपी बिहार में पहली बार अपना सीएम बनाने जा रही है. नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद बिहार में सम्राट चौधरी नए सीएम चुने गए हैं. चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही प्रदेश का राजनीतिक पारा गर्मा गया है. विपक्ष की ओर से भी सियासी हमले शुरू हो गए हैं. इसी बीच लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने बीजेपी पर तीखा तंज कसा है. स्थापना के 46 वर्ष बीत जाने के बाद भी बिहार में बीजेपी के पास लीडरशिप का ऐसा टोंटा और सूखा है कि बीजेपी न तो कभी अपने दम पर सरकार बना सकी , ना ही कभी किसी विधानसभा चुनाव में अपना कोई मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित, प्रस्तुत कर सकी और ना ही व्यापक जनस्वीकार्यता व पहचान वाला एक नेता तैयार कर सकी. बिहार में बीजेपी की राजनीतिक कंगाली का आलम तो कुछ ऐसा है कि अब जब वर्षों की मशक्कत के बाद बीजेपी नीतीश कुमार जी को साजिश – प्रपंच के सहारे मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाने में कामयाब हुई , तब भी बीजेपी किसी ऐसे को मुख्यमंत्री बनाने जा रही है , जो मूलतः न तो नागपुरिया नर्सरी से है और ना ही बिहार बीजेपी की बंजर बगिया से. बिहार को आज नया मुख्यमंत्री मिलेगा।
कौन हैं सम्राट चौधरी?
16 नवंबर, 1968 में जन्मे सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। सम्राट के पिता शकुनी चौधरी अलग-अलग पार्टियों से कई बार विधायक, सांसद और मंत्री रहे हैं। समता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शकुनी चौधरी भी एक हैं। बिहार में कुशवाहा समाज के बड़े नेताओं में शकुनी चौधरी शुमार किए जाते हैं। अब सम्राट चौधरी अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
बिहार की जातीय राजनीति में भाजपा के लिए अहम सम्राट चौधरी
बिहार की राजनीति में जातीय समीकरणों की बहुत अहमियत है। सम्राट चौधरी कुशवाहा जाति से ताल्लुक रखते हैं और बिहार में इस जाति का आधार करीब 7-9 प्रतिशत है। बिहार में यादव जाति के बाद सबसे ज्यादा वोटर कुशवाहा जाति के ही हैं। बिहार में हुए जातीय सर्वेक्षण के अनुसार, राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग 27 प्रतिशत, अति-पिछड़ा वर्ग 36 प्रतिशत है, जो राज्य की कुल आबादी का 63 प्रतिशत हो जाते हैं। यही वजह है कि बिहार की जातीय राजनीति को साधने में सम्राट कुशवाहा भाजपा के लिए अहम हैं।
यह तो रहा सम्राट और सम्राट से जुड़ी मजबूती की कहानी। असली सम्राट का मूल्यांकन भी होता रहेगा पर आज बिहार के लिए नए मुख्यमंत्री के स्वागत का दिन है।