राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT), प्रिंसिपल बेंच, नई दिल्ली ने आज एम.ए. संख्या 133/2025 (ओ.ए. संख्या 957/2024 से उत्पन्न) में आदेश जारी करते हुए भिवानी जिला अदालत परिसर में लगभग 40 पेड़ों की कथित अवैध कटाई के मामले में आवेदक से जवाब मांगा है।

वन विभाग, भिवानी के प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) और हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त समिति की एक कार्रवाई प्रतिवेदन (Action Taken Report) पहले ही अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत की जा चुकी है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि निरीक्षण के दौरान जिला अदालत परिसर के भीतर पेड़ों की कटाई का कोई प्रमाण नहीं मिला। आवेदक द्वारा दिखाए गए ठूंठ पास की कॉलोनी में पाए गए, जहाँ वन कानून लागू नहीं होते। जिला अदालत प्रशासन ने भी सूचना दी कि पिछले तीन वर्षों में किसी भी प्रकार की पेड़ कटाई अथवा अनुमति नहीं दी गई। रिपोर्ट पर विचार करने के बाद, एनजीटी ने आवेदक को अपना जवाब या आपत्तियाँ प्रस्तुत करने का अवसर देने का निर्णय लिया है। अधिकरण ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि आवेदक को नोटिस जारी किया जाए और एक माह के भीतर आपत्तियाँ दाखिल करने के लिए कहा जाए। मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी 2026 को होगी।
