कर्नाटक संकट से नहीं उबरी कांग्रेस?

कर्नाटक में कांग्रेस के भीतर नेतृत्व संकट की अटकलें तेज हो गई हैं। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा फिर शुरू हुई। हालांकि शिवकुमार ने राजनीतिक बातचीत से इनकार किया है।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से उनके आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात से राज्य में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही सत्ता की खींचतान की अटकलें और तेज हो गई हैं। हालांकि मुलाकात के बाद शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं चर्चा किया। उन्होंने बताया कि वे राज्य कांग्रेस इकाई के प्रमुख के तौर पर केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को बदलकर नया कानून बनाने के बारे में अपनी राय साझा करने आए थे। बता दें कि यह बातचीत 27 दिसंबर को होने वाली कांग्रेस कार्य समिति की बैठक से पहले हुई है। शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने खरगे से कोई अन्य मुद्दा नहीं उठाया। उन्होंने कहा, ‘इसकी कोई जरूरत नहीं है, मैं ऐसा नहीं करूंगा, अभी ऐसी कोई बात नहीं है। सिद्धारमैया और मैंने कहा है कि हम हाईकमान के फैसले का पालन करेंगे, और हम इसे लेकर प्रतिबद्ध हैं।’ जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने खुद को पार्टी कार्यकर्ता बताने का क्या मतलब था, तो शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि उनका मतलब पार्टी का आजीवन सदस्य बनकर संगठन की सेवा करना है, चाहे कोई पद हो या न हो। उन्होंने कहा, ‘मैं पार्टी का आजीवन कार्यकर्ता हूं। चाहे कोई पद हो या न हो, मैं पार्टी का कार्यकर्ता रहूंगा। मैंने पार्टी का झंडा बांधा है, पार्टी कार्यकर्ता और अध्यक्ष दोनों के तौर पर।’

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