दिल्ली पुलिस और बिश्नोई गैंग के दो शार्पशूटरों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दो शूटर्स दबोचे गए। इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक शूटर के पैर में गोली लगी है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ दिल्ली पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। दिल्ली पुलिस और बिश्नोई गैंग के दो शार्पशूटरों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया है। इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक शूटर के पैर में गोली लगी है, जबकि दूसरा आरोपी नाबालिग बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए ये दोनों शूटर दिल्ली के पश्चिम विहार और विनोद नगर इलाकों में हाल ही में हुई फायरिंग की घटनाओं में शामिल थे।
भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद
पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पास से सात .32 कैलिबर की पिस्तौल और 70 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पटियाला के राजपुरा निवासी हरविंदर सिंह उर्फ भोला, लखविंदर सिंह, मोहम्मद समीर और रोहित शर्मा के रूप में हुई थी। एडीजीपी प्रमोद बान ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने डेरा बस्सी-अंबाला राजमार्ग पर ‘स्टील स्ट्रिप्स टावर्स’ के पास एक घर पर छापा मारा। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी के दौरान हेड कांस्टेबल गगनदीप सिंह और कांस्टेबल गुलाब सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई।
जवाबी कार्रवाई में दो शूटर घायल
पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी हरविंदर सिंह और मोहम्मद समीर घायल हो गए, जिसके बाद चारों को काबू कर लिया गया। डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, ये सभी आरोपी कुख्यात अपराधी हैं और लंबे समय से पुलिस की रडार पर थे।
घटनास्थल का दौरा करने वाले एसएसपी हरमनदीप हंस ने बताया कि डेरा बस्सी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद गैंग के नेटवर्क और आने वाली साजिशों के बारे में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
