लोकतंत्र की देहरी पर संकट,युवाओं को भावनात्मक और पहचान की राजनीति का ईंधन बनाया जा रहा है

डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह,सहज़,हरदा भारत इस समय एक अभूतपूर्व वैचारिक और राजनीतिक संक्रमण काल से गुजर रहा है। देश की सत्ता और विपक्ष की खींचतान के बीच यदि कोई सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है, तो वह है आम नागरिक और देश का वह युवा, जिसके कंधों पर कल के भारत का भार है। सवाल … Continue reading लोकतंत्र की देहरी पर संकट,युवाओं को भावनात्मक और पहचान की राजनीति का ईंधन बनाया जा रहा है