एपिस्टीन फाइल्स के खुलासे बाहर निकल के आ रहे हैं। उन्हें पढ़कर लग रहा अमीर होने पे आदमी घटिया हो ही जाता है इसीलिए सबको गरीब ही रहना चाहिए। शायद इसी लिए कहा गया है कि सबको अमीर होने की दुआ नहीं, इंसान बने रहने की दुआ माँगनी चाहिए। इन ताज़ा लीक्स को पढ़कर यक़ीन और मज़बूत हो गया है कि भगवान ने स्वर्ग और नरक यूँ ही नहीं बनाई। अगर ये हैवान दुनिया में अपने गुनाह छुपा कर,बिना सज़ा के निकल भी जाएँ—तो याद रखो, भगवान ने उनके लिए दोज़ख़ की भट्टी पहले से तैयार कर रखी है।

एपस्टीन फाइल से एक और बड़े खुलासे ने अमेरिका , भारत से लेकर पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया है। 14 साल की लड़कियों का जिस्म बेचने के लिए मंडी सजाई गई थी। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर देश में विवाद उठ खड़ा हुआ है. सरकार ने इस बारे में सफाई दी है.बच्चों के काटे अंग, अंतड़ियों से निकालकर खाए मल और रूसी लड़कियों के साथ सेक्स किया..एप्सटीन फाइल्स में बुश क्लिंटन और बिल गेट्स जैसे बड़े नाम, अब एक नाम अपने वाले का भी जुड़ गया, अनाम रखते हैं उसे अभी फिल हाल..
हमाम के नंगे लोगों की कहानी
एपस्टीन फाइल दुनियाँ के अमीरों सहित गंदे और ऐय्याश नेताओं का मरकज साबित होने वाला दिख रहा है । मैं तो ऐसे लोगों को जिसका नाम इसमें आया है उसे हमाम के नंगे लोग मानता हूँ । एपस्टीन फाइल से जुड़ा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक ऐसा सनसनीखेज वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर आपके भी होश उड़ जाएंगे। एपस्टीन फाइन में हुए खुलासे के अनुसार 1991 में अरबपतियों को सेक्स के लिए परोसने के मकसद से 14 साल की लड़कियों की एक मंडी सजाई गई थी। इस खुलासे ने अमेरिका समेत पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है।
भारत के विदेश मंत्रालय
भारत के विदेश मंत्रालय ने उन रिपोर्टों को खारिज किया है जिनमें तथाकथित जेफ्री एपस्टीन फाइल्स में नरेंद्र मोदी और उनके इस्राएल दौरे का संदर्भ होने की बात कही गई थी. मंत्रालय ने बयान में इन संदर्भों को “दोषी ठहराए गए अपराधी की घटिया मनगढ़ंत बातें” बताते हुए कहा कि इन्हें “पूरे तिरस्कार के साथ” खारिज किया जाना चाहिए.मंत्रालय ने कहा कि उसने “तथाकथित एपस्टीन फाइल्स” से जुड़े एक ईमेल संदेश के बारे में रिपोर्टें देखी हैं, जिसमें प्रधानमंत्री और उनके इस्राएल दौरे का जिक्र है. विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, जुलाई 2017 में प्रधानमंत्री के इस्राएल के आधिकारिक दौरे के तथ्य के अलावा, ईमेल में किए गए बाकी संकेत या इशारे दोषी ठहराए गए अपराधी की “घटिया मनगढ़ंत बातें” भर हैं, जिन्हें “पूरे तिरस्कार के साथ” खारिज किया जाना चाहिए.
भारतीय कांग्रेस का दावा
कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया था कि अमेरिकी यौन अपराधी और मानव तस्कर जेफ़री एपस्टीन से जुड़ी फ़ाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी नाम है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “यह राष्ट्रीय शर्म का विषय है. पीएम मोदी हमारे तीन सवालों का सामने आकर जवाब दें.”
हालांकि विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा है कि जुलाई 2017 में प्रधानमंत्री की इसराइल की आधिकारिक यात्रा के अलावा, “ईमेल में बाक़ी बातें एक दोषी अपराधी की बेकार की बकवास से ज़्यादा कुछ नहीं हैं.”
एप्स्टीन फाइल्स से खुलासे
भारत में यह विवाद ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने शुक्रवार को फाइनेंसर और दोषी ठहराए गए यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी जांच सामग्री का एक बड़ा हिस्सा जारी किया. जारी सामग्री में 30 लाख से ज्यादा पन्नों के रिकॉर्ड, 2,000 से अधिक वीडियो और करीब 1,80,000 तस्वीरें सार्वजनिक करने की बात कही गई है. इन दस्तावेजों में दुनिया के कई बड़े लोगों के नाम हैं. उसी रिपोर्ट में बताया गया है कि जेफ्री एपस्टीन की मौत न्यूयॉर्क की एक जेल में अगस्त 2019 में आत्महत्या से हुई थी. यह घटना उसके सेक्स ट्रैफिकिंग आरोपों में आरोपित होने के करीब एक महीने बाद हुई. रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले भी एपस्टीन 2008 में एक विवादास्पद समझौते के बाद फ्लोरिडा में हिरासत में 13 महीने काट चुका था.
जो भी हो एप्स्टीन फाइल्स ने दुनियाँ के कुछ अमीरों और कुछ नेताओं के असली चेहरे से दुनियाँ को अवगत करवा रहा है ।
कौन था जेफरीऐप्सटिन
जेफरी एपस्टीन (Jeffrey Epstein) एक अमेरिकी फाइनेंसर और यौन अपराधी थे, जिन्हें नाबालिगों की यौन तस्करी (sex trafficking) के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह अरबपतियों को वित्तीय सेवाएं प्रदान करते थे और राजनीति, व्यवसाय व शाही परिवारों में उनके व्यापक संबंध थे। 2019 में जेल में आत्महत्या से उनकी मृत्यु हो गई।
सच कहूँ – ये है वो तहज़ीब-याफ़्ता दुनिया जिसकी चमक पर आज पूरी दुनिया फ़िदा है। जिस दिन मैंने इनके काले कारनामों के बारे में पढ़ा, दिल अंदर ही अंदर टूट कर रो पड़ा। सोच कर ही रूह काँप जाती है कि दौलत और ताक़त के नशे में डूबे कुछ दरिंदे मासूम बच्चों को अपना शिकार बनाते रहे— उनके डर, उनकी बेबसी, उनके आँसू इनके लिए सिर्फ़ एक “ज़रिया” थे। जिन बच्चों को हम घर में हल्की सी तकलीफ़ में भी तड़पता नहीं देख पाते, उन्हीं नन्ही जानों पर ये लोग ज़ुल्म की सारी हदें पार करते रहे और सालों तक खुद को सभ्य, पढ़ा-लिखा, इज़्ज़तदार कहलाते रहे। अगर यही तरक़्क़ी है, अगर यही मॉडर्न दुनिया है, तो फिर ऐसी तहज़ीब पर अफ़सोस भी कम है, लानत ज़्यादा। मुझे तो सोच कर ही घिन्न आ रही है, बिलकलिंटन,बिलगेट्स और अपने वाले लोग जैसे को हम अपने बच्चों के सामने रोल मॉडल जैसा प्रस्तुत करते रहे हैं। पहले हमारे पास ऐसा नेता होता था, जिसका नाम हार्वर्ड और ऑक्सफ़ोर्ड में लिया जाता था। अब हमारे पास ऐसा नेता है, जिसका नाम #EpsteinFiles में एपस्टीन के साथ सामने आ रहा है। बेहद शर्मनाक!