डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह,सहज़,हरदा,मध्य प्रदेश

जय जय जय माँ जगदम्बे भवानी, सब दुःखों को हरने वाली कल्याणी।
तेरी महिमा अपरंपार माँ भवानी, नमो-नमो हे जग की जननी महारानी॥
तू ही काली, तू ही लक्ष्मी, तू ही शारदे, भक्तों के हृदय में ज्ञान-दीप डाल दे।
जब जग में अंधियारा छा जाता, तेरा ही तो एक सहारा मिलता।
तू ही तो संसार का पोषण करती , भक्तों की झोली में खुशियाँ भरती ।
सत्य,धर्म ,दया का वरदान चाहिए माँ, भटके मन को सही दिशा, ज्ञान चाहिए माँ।
पाप, घमंड और भय को दूर भगा दे, अपनी भक्ति का मधुर रस बरसा दे।
हम बालकों पर माँ अपनी मेहर करो, जय जगदम्बे सबका कल्याण करो॥




