दीप से दीप जले निरन्तर यही पुकार हमारी,,,

डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह सहज़,हरदा,मध्य प्रदेश जगमग जगमग दीप जले, अंधियारा सारा भागे, संस्कृति और आस्था के पावन बंधन जागे। झिलमिल दीपों की माला से, सजी अयोध्या सारी, आई रे आई,देखो सब दीपावली सुहानी आई। तमसो मा ज्योतिर्गमय का, मंत्र गूँजता द्वारे, अज्ञान अंधकार को चीरकर, प्रकाश दीप पुकारे। मन के भीतर की कालिक को, … Continue reading दीप से दीप जले निरन्तर यही पुकार हमारी,,,