कुर्सी खाली होगी क्योंकि आज से जनता सड़क पर आएगी—?
“सिंहासन खाली करो कि जनता आती है…” राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की ये कालजयी पंक्तियाँ आज एक बार फिर आधुनिक भारत के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य पर जीवंत हो उठी हैं। जब किसी लोकतांत्रिक समाज में जनता के भीतर से यह आवाज गूंजने लगे कि “कुर्सी खाली होगी क्योंकि आज से जनता सड़क पर आएगी”, … Continue reading कुर्सी खाली होगी क्योंकि आज से जनता सड़क पर आएगी—?
Copy and paste this URL into your WordPress site to embed
Copy and paste this code into your site to embed