सियासत की बिसात और युवा भारत, कुर्सी की दौड़ या भविष्य की फ़िक्र?

डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह,सहज़,हरदा,मध्य प्रदेश आज देश का राजनीतिक परिदृश्य एक ऐसे चौराहे पर खड़ा है, जहाँ हर रोज़ नए समीकरण बन-बिगड़ रहे हैं। लोकतंत्र के मंदिर से लेकर सड़कों तक, हर जगह एक अजीब सी उथल-पुथल मची हुई है। संसद के गलियारों से लेकर आंदोलनों के गढ़ जंतर-मंतर तक, देश का राजनीतिक पारा सातवें … Continue reading सियासत की बिसात और युवा भारत, कुर्सी की दौड़ या भविष्य की फ़िक्र?