अफ़साना: कमरे की दीवार पर टंगी दो तस्वीरें,एक माँ की और दूसरी अब्बा की।
डॉ.मुश्ताक़ अहमद शाह, सहज़,हरदा,मध्य प्रदेश कमरे की दीवार पर टंगी दो तस्वीरें,एक माँ की और दूसरी अब्बा की। जिन पर धूल जम चुकी थी, मगर उन चेहरों की ख़ामोशी आज भी बशीर के दिल पर हथौड़े की तरह बरस रही थी। बशीर घंटों उसी दीवार के सामने ज़मीन पर बैठा रहता। उसकी आँखों से बहते … Continue reading अफ़साना: कमरे की दीवार पर टंगी दो तस्वीरें,एक माँ की और दूसरी अब्बा की।
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