कुख्यात और चर्चित विधायक अनंत सिंह जेल में भले ही बंद हैं लेकिन मोकामा चुनाव उन्होंने आसानी से जीत लिया। अब सवाल है कि अनंत सिंह तो जेल में कैद हैं तो वह अपने विधायक पद की शपथ कैसे लेंगे?

इस बार के मोकामा विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह ने जेल में बंद होने के बावजूद 28 हजार 206 वोटों से चुनाव जीत लिया। जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह ने 91 हजार 416 वोट हासिल किए। जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी वीणा देवी 63 हजार 210 वोटों पर सिमट गईं। चुनाव के दौरान, दुलारचंद यादव जन सुराज पार्टी के जिस प्रत्याशी को समर्थन दे रहे थे उन पीयूष प्रियदर्शी को महज 19 हजार 365 वोट मिले थे। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हुए चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड के आरोपी और JDU के टिकट पर मोकामा से चुनावी मैदान में उतरे अनंत सिंह, इलेक्शन की बाजी तो जीत गए लेकिन सवाल ये है कि अनंत सिंह कैद से नहीं छूटे तो है वह शपथ कैसे लेंगे। मोकामा में जब से अनंत सिंह की जीत हुई है तब से उनके समर्थक नारा लगा रहे हैं ”जेल के ताले टूटेंगे, अनंत भाई छूटेंगे।” लेकिन सवाल है कि अनंत सिंह कब और कैसे छूटेंगे और विधायक पद ग्रहण करने से पहले शपथ कैसे लेंगे। जैसा कि उनके ऊपर हत्या का आरोप है तो क्या वह विधानसभा की कार्रवाई में हिस्सा ले पाएंगे या फिर उनके सदन की कार्रवाई में शामिल होने पर रोक रहेगी। अनंत सिंह को कितने दिनों के अंदर शपथ लेनी होगी और अगर वह इससे चूक गए तो क्या उनकी विधायकी चली जाएगी। आइए इन्हीं सारे सवालों के जवाब संविधान की रोशनी में जानते हैं और समझते हैं कि अगर जेल में बंद कोई उम्मीदवार चुनाव जीत जाता है तो उसको पद एवं गोपनीयता की शपथ कैसे दिलाई जाती है। पहले तो ये समझ लीजिए कि भारतीय संविधान के आर्टिकल 188 के मुताबिक, राज्य की विधानसभा या विधान परिषद के प्रत्येक सदस्य को अपना पद ग्रहण करने से पहले राज्यपाल या उसके द्वारा नियुक्त व्यक्ति के सामने तीसरी अनुसूची में इस प्रयोजन के लिए दिए गए प्रारूप के अनुसार शपथ लेनी होगी और उस पर अपने हस्ताक्षर करने होंगे। गौरतलब है कि जेल में बंद उम्मीदवार जमानत पर छूटकर या पैरोल लेकर शपथ ले सकते हैं। साल 2020 में भी जब अनंत सिंह चुनाव जीते थे तो उन्होंने जेल से बाहर आकर शपथ ली थी। उन्हें कोर्ट की तरफ से पैरोल दी गई थी। इसी तरह अनंत सिंह इस बार भी शपथ ले सकते हैं। अगर ऐसे अन्य लोगों की बात करें तो लोकसभा चुनाव 2024 में चर्चित नाम रहे जम्मू-कश्मीर के इंजीनियर रशीद और खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह ने भी जेल से बाहर आकर शपथ ली थी। हालांकि, चुनाव जीतने के बाद कब तक विधायक का शपथ लेना जरूरी है, इसको लेकर कोई सीमा निर्धारित नहीं है। अनंत सिंह अगले 6 महीने में कभी भी शपथ ले सकते हैं। चूंकि, अनंत सिंह जेल में बंद हैं तो वह सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। ऐसे में उन्हें अपने अनुपस्थित होने की सूचना सदन को देनी होगी क्योंकि कोई भी विधायक एकसाथ 59 दिनों के लिए गैरमौजूद नहीं रह सकता है। बाकी अगले 6 महीने में अनंत सिंह जेल से बाहर आकर कभी भी शपथ ले सकते हैं।
