इंडो-कैनेडियन एलायंस ने इंडो-कैनेडियन एलायंस बिजनेस समिट 2026 के आयोजन की घोषणा की है। यह मल्टी सिटी ट्रेड तथा इन्वेस्टमेन्ट डेलिगेशन कार्यक्रम 11 से 20 सितंबर 2026 के बीच कनाडा के टोंरटो और ओटावा में आयोजित किया जाएगा।

यह सम्मेलन- एक्वायर इनोवेशन संस्था की पहल है, जिसका उद्देश्य भारत और कनाडा के उद्योगों, निवेशकों, उद्यमियों, औद्योगिक संगठनों और संस्थानों को एक साझा मंच प्रदान करना है, ताकि वे व्यापार, इन्वेस्टमेन्ट, टेक्नोलोजी सहयोग, एडवान्स्ड मेन्युफेक्चरिंग, मेडिकल टूरिज्म और शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर तलाश सकें। इस सम्मेलन का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाना है। इसके तहत उद्योगों, सरकारी प्रतिनिधियों, वाणिज्य मंडलों, औद्योगिक संगठनों, निवेशकों और प्रमुख निर्णयकर्ताओं के बीच सीधे संवाद की व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम में बिज़नेस सेमीनारों, इन्वेस्टमेन्ट फोरम्स, बी टु बी बेठकें, नेटवर्किंग इवेन्ट्स, कोर्पोरेट विजिट्स तथा मार्केट एन्ट्री मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस पहल का लक्ष्य प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को बढ़ावा देना, टेक्नोलोजी ट्रान्सफर को प्रोत्साहित करना, संयुक्त उपक्रमों, शैक्षणिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारियों को बढ़ावा देना है, जिससे भारत और कनाडा दोनों में आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और इनोवेशन आधारित विकास को बल मिल सके।

इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए एक्वायर इनोवेशन के संस्थापक हार्दिक ठाकर ने कहा, “इंडो-कैनेडियन एलायंस बिजनेस समिट 2026 भारत और कनाडा के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया स्ट्रेटेजिक प्लेटफोर्म है। यह सिर्फ बाजार तक पहुंच और व्यापार विस्तार ही नहीं प्रदान करता, इसके अलावा हमारा लक्ष्य निवेश आकर्षित करना, इनोवेशन को बढ़ावा देना, प्रौद्योगिकी सहयोग को प्रोत्साहित करना और ऐसी दीर्घकालिक साझेदारियां बनाना है, जो दोनों देशों के उद्योगों और समाज के लिए मूल्य सृजित करें। हमें विश्वास है कि उद्योगों और संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग द्विपक्षीय आर्थिक विकास को नई दिशा देता है।” यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय विस्तार कर रहे सभी प्रकार के उद्योगों को संभावित साझेदारों, ग्राहकों, निवेशकों और सर्विस प्रोवाइडर्स से जोड़ने में मदद करेगा। इसमें भाग लेने वाली कंपनियों को कंपनी बनानें, बिज़नेस रजिस्ट्रेशन, मार्केट एन्ट्री की रणनीति और कनाडा के स्थानीय व्यापार इकोसिस्टम संबंधी मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा।
के.एच. मेनेजमेन्ट की कार्यकारी निदेशक कृति त्रिवेदी ने कहा ,“भारत और कनाडा के बीच टेक्नोलोजी, मैन्युफेक्चरिंग, हेल्थकेर, शिक्षा, लॉजिस्टिक्स और प्रोफेशनल सर्विसेस जैसे अनेक क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। इस सम्मेलन के माध्यम से हम ऐसा स्ट्रक्चर्ड वातावरण तैयार करना चाहते हैं, जहां उद्यमी और उद्योग जगत के नेता विचारों का आदान-प्रदान कर सकें, साझेदारियां विकसित कर सकें और विकास के नए अवसर तलाश सकें। व्यापारिक सहयोग के साथ-साथ सांस्कृतिक, शैक्षणिक और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने की भी बड़ी संभावनाएं हैं।” इस सम्मेलन में पार्टिसिपन्ट्स को विशेष रूप से तैयार की गई बिज़नेस मेचिंग सेशन्स, संभावित साझेदारों और ग्राहकों के साथ व्यक्तिगत मुलाकातें, उद्योग विशेषज्ञों और सरकारी प्रतिनिधियों से संवाद तथा कनाडा एवं व्यापक उत्तरी अमेरिकी बाजार में विस्तार की संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा। इस कार्यक्रम को सभी प्रकार के उद्योगों के स्टेकहोल्डर्स को एक मंच पर लाने के लिए तैयार किया गया है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों के बीच सहयोग बढ़ेगा और व्यापार विकास के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
इस सम्मेलन के प्रमुख सेक्टर्स में इन्फोर्मेशन टेक्नोलोजी और आर्टिफिशियल इन्टेलिजन्स, लॉजिस्टिक्स और सप्लाय चेईन, वित्तीय सेवाएं और वित्तीय प्रौद्योगिकी, हेल्थकेर, वेलनेस और मेडिकल टूरिज्म, रियल एस्टेट, कृषि, विनिर्माण, शिक्षा, मीडिया और मनोरंजन शामिल हैं। एक्वायर इनोवेशन एक बिज़नेस कन्सल्टिंग और इन्टरनेशनल एक्सपान्शन एडवाइज़री फर्म है, जो कंपनीयों को व्यापार वृद्धि रणनीति, निवेशक एवं साझेदार संपर्क, बाजार प्रवेश योजना और कंपनी गठन सेवाएं उपलब्ध कराती है। अपने कॉर्पोरेट पार्टनर्स, वित्तीय संस्थानों और औद्योगिक संगठनों के नेटवर्क के माध्यम से यह संस्था व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थापित होने और विस्तार करने में सहायता प्रदान करती है।
इंडो-कैनेडियन एलायंस बिजनेस समिट 2026 में बड़ी संख्या में दोनों देशों के उद्योगपति, उद्यमी, निवेशक, पोलिसी मेकर्स और प्रोफेशनल्स के शामिल होने की संभावना है। यह सम्मेलन भारत और कनाडा के बीच व्यापार बढ़ाने, निवेश सुविधा, इनोवेशन आधारित पार्टनरशिप्स और दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। इस पहल का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत बनाना और सस्टेनेबल ग्रोथ तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसरों का निर्माण करना है।


