ईसाई देशों की लड़ाई के बीच कूदा वेटिकन!

ताकत के आधार पर कूटनीति और जंग की बढ़ती भूख को लेकर पोप लियो XIV ने पूरे विश्व को चेताया है। पोप ने रूस-यूक्रेन जंग और बढ़ती ग्लोबल टेंशन के बीच कहा कि युद्ध की बढ़ती इच्छा शांति के लिए बड़ा खतरा है।

पोप लियो XIV ने अपने भाषण में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में छिड़े युद्ध की निंदा की। पोप लियो XIV बोले कि अब ताकत के सहारे कूटनीति की जा रही है और दुनियाभर के देशों में ‘युद्ध की भूख’ बढ़ती दिख रही है। उनका यह स्टेटमेंट ऐसे वक्त में आया है जब रूस ने यूक्रेन पर नए हमले किए हैं। दूसरी तरफ, अमेरिका और अन्य देशों में तनाव बढ़ चुका है।

जंग की भूख बढ़ने पर पोप ने चेताया

द न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, वेटिकन सिटी में राजनयिकों को संबोधित करते हुए पोप लियो XIV ने कहा कि संवाद को बढ़ाकर सभी पक्षों में सहमति बनाने वाली कूटनीति के बजाय अब ताकत के बल पर कूटनीति हो रही है, इसमें चाहे एक अकेला देश हो या कोई देशों का समूह, दोनों इसमें शामिल हैं। जंग एक बार फिर चलन में आ गई है। युद्ध के लिए एक जुनून दिख रहा है। यह कानून के शासन के लिए बड़ा खतरा है, जो नागरिकों के शांति से रहने के लिए बहुत जरूरी है।

वेनेजुएला के लिए पोप ने की अपील

पोप लियो XIV ने किसी ग्लोबल लीडर का नाम सीधे तौर पर ना लेते हुए हाल की घटनाओं का हवाला दिया और वेनेजुएला के लोगों के अधिकारों की रक्षा का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, ‘मैं वेनेजुएला की जनता की इच्छा का मान करने और सभी के नागरिक अधिकारों की रक्षा की अपनी बात दोहराता हूं, ताकि स्थायित्व और मैत्रीपूर्ण भविष्य तय किया जा सके।’

दुनिया भर में क्यों बढ़ा है तनाव?

जान लें कि पोप लियो XIV का यह बयान तब आया है जब अमेरिका की तरफ से वेनेजुएला पर हमला हो चुका है, उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिका उठाकर अपने देश में ले जा चुका है। जब अमेरिका की तरफ से लगातार कोलंबिया, मैक्सिको, ग्रीनलैंड और ईरान को लेकर धमकियां दी जा रही हैं, जिसके कारण हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।

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