बेशक यह मेरा दो कॉलम की छोटी स्टोरी है पर यह एक व्यापारी के लालच और समाज को बर्गलाने की कहानी बताने के लिए पर्याप्त है। आज कुछ व्यापारी शिक्षा के आड़ में महज अपना ज्यादा धन कमाने की लालच की पूर्ति और अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पाना चाहता है । जिसका जीता जागता उदाहरण डॉ. अक्षय कांति बम इंदौर के उद्यमी, शिक्षाविद् और विवादास्पद नेता है ।

बेशक यह मेरा दो कॉलम की छोटी स्टोरी है पर यह एक व्यापारी के लालच और समाज को बर्गलाने की कहानी बताने के लिए पर्याप्त है। आज कुछ व्यापारी शिक्षा के आड़ में महज अपना ज्यादा धन कमाने की लालच की पूर्ति और अपनी राजनीतिक स्वार्थ को पाना चाहता है । जिसका जीता जागता उदाहरण डॉ. अक्षय कांति बम इंदौर के उद्यमी, शिक्षाविद् और विवादास्पद नेता है । डॉ. अक्षय कांति बम संवेदनहीन होते समाज का एक उदाहरण है। अब किसी को किसी की नहीं पड़ी है। सब अपने लिए ही जी रहे हैं। सामाजिकता का लोप मानव जाति के लिए बहुत ही घातक सिद्ध होने वाला है। खैर ऊँची दुकान फीकी पकवान वालों से जितना आप बच सकते हैं, बचें। खैर डॉ. अक्षय कांति बम शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले उद्यमी हैं, जिनकी उपलब्धियां युवाओं को प्रेरित करती हैं। साथ ही, राजनीतिक सफर और पुराने मुकदमे उनके करियर के विवादास्पद पहलू रहे। इंदौर जैसे शहर में वे शिक्षा उद्योग का चेहरा हैं, जहां नवाचार और विवाद दोनों उनके साथ चलते हैं। भविष्य में यदि वे विवादों से ऊपर उठकर शिक्षा और विकास पर फोकस करें, तो उनकी छवि और मजबूत हो सकती है।
एक कहानी सुनिए दिल्ली के कन्स्टिटूशन क्लब की , भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर “बाल संविधान” एवं “एलीना और महान संविधान” पुस्तक श्रृंखला के लोकार्पण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अध्यक्षीय संबोधन देते हुए देश की नई पीढ़ी को संविधान से जोड़ने का सशक्त आह्वान किया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के नगरीय विकास, आवास एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा वरिष्ठ भाजपा नेता जो गाहे वगाहे भारत के संविधान का सबसे ज्यादा अवहेलना करने वाले नेता कैलाश विजयवर्गीय ने अपने संबोधन में “राष्ट्र प्रथम” की अवधारणा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की नीतियाँ हमेशा देशहित को सर्वोपरि रखकर बनाई जाती हैं। “जहाँ विपक्ष सत्ता और कुर्सी की चिंता में रहता है, वहीं भाजपा देश के विकास और संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्राथमिकता देती है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके लिए संविधान सर्वोपरि है और सरकार उसी भावना के अनुरूप कार्य कर रही है।

इस अवसर पर “बाल संविधान” और “एलीना और महान संविधान” पुस्तक श्रृंखला की परिकल्पना करने वाले इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ, इंदौर के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. अक्षय कांती बंब की पहल को विशेष सराहना मिली। डॉ. बंब ने कहा कि इस पुस्तक श्रृंखला का उद्देश्य बच्चों को सरल, सहज और रोचक तरीके से संविधान की जानकारी देना है, ताकि वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों दोनों के प्रति जागरूक बन सकें। अब थोड़ा इसे देखिये, अक्षय कांति बम जो Indore Institute of Law (IIL) के संस्थापक और चेयरमैन हैं। वे अन्य संस्थानों (जैसे Idyllic Institute of Management) से भी जुड़े हैं। मुख्य विवाद और क्रिमिनल केस (मुख्यतः परिवार सहित), 17 साल पुराना जमीन विवाद केस (2007 का मुख्य केस – सबसे बड़ा विवाद, यह उनके पिता कांतिलाल बम (Kanti Lal Bam / Kantilal Bam) के साथ जुड़ा है। खजराना (Khajrana), इंदौर में यूनुस पटेल (Yunus Patel / Yunus Khan) के साथ जमीन विवाद था। बम परिवार ने यूनुस पटेल पर हमले का केस किया था (IPC 323, 324 आदि)। यूनुस पटेल ने क्रॉस FIR दर्ज कराई, जिसमें शुरू में बेलेबल धाराएं थीं। 2024 में चुनाव के समय (24 अप्रैल), नामांकन दाखिल करने के अगले दिन, कोर्ट ने IPC धारा 307 (हत्या का प्रयास) और 149 आदि जोड़ दीं। आरोप: 2017 में मजदूरों पर हमला, सोयाबीन की फसल जलाना, गोली चलाने का आदेश आदि। सेशंस कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज की, गिरफ्तारी वारंट जारी किया। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मई 2024 में पिता-पुत्र को अग्रिम जमानत दी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने धारा 307 हटा दी (2025-26 में राहत मिली)। ट्रायल पर स्टे आदि भी हुआ। कांग्रेस ने दावा किया कि इस केस के दबाव में उन्होंने नामांकन वापस लिया और BJP जॉइन किया। बम परिवार ने इसे पुराना राजनीतिक मामला बताया। अन्य केस (चुनाव एफिडेविट के अनुसार): रैश ड्राइविंग/नेग्लिजेंट ड्राइविंग का 2018 का केस (वे खुद नामित नहीं थे, लेकिन केस में शामिल)। 2022 का एक और प्राइवेट कंप्लेंट जमीन विवाद से संबंधित (कोर्ट में चल रहा, चार्जेस फ्रेम नहीं हुए थे)। कुल मिलाकर चुनाव एफिडेविट में 3 एक्टिव केस बताए गए थे (जमीन विवाद और ड्राइविंग संबंधी)। MBA पेपर लीक मामला (2024): उनके संचालित Idyllic Institute of Management के कंप्यूटर ऑपरेटर और छात्रों की गिरफ्तारी हुई (DAVV MBA 1st Semester पेपर लीक)। कांग्रेस ने उनकी गिरफ्तारी की मांग की। कॉलेज पर ₹5 लाख का जुर्माना लगा। वे खुद प्रत्यक्ष रूप से आरोपी नहीं बने, लेकिन संस्थान के प्रमुख के रूप में विवाद में आए। परिवार संबंधी विवादमुख्य विवाद पिता कांतिलाल बम के साथ साझा है (2007 का जमीन केस)। परिवार जैन समुदाय से है, इंदौर के पटेल नगर/तिलक नगर क्षेत्र से। पिता को सामाजिक कार्यकर्ता बताया जाता है, लेकिन पुराने विवादों में नाम आया। अन्य परिवारिक विवादों (जैसे आंतरिक संपत्ति या अन्य) की सार्वजनिक रिपोर्ट्स प्रमुखता से नहीं मिलीं। ज्यादातर विवाद बाहरी (जमीन/व्यवसायिक) हैं।अन्य पृष्ठभूमि2024 लोकसभा चुनाव: कांग्रेस से इंदौर उम्मीदवार बने, नामांकन वापस लेकर BJP जॉइन कर लिया। शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय, लेकिन राजनीतिक शिफ्ट और केस के कारण काफी चर्चा में रहे। पुलिस सुरक्षा भी मिली थी, जिसे हटाने की कांग्रेस ने मांग की।बम शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार के प्रतीक माने जाते हैं। उन्होंने “बाल संविधान” जैसी अनोखी पहल शुरू की, जिसमें 10 पुस्तकों की कॉमिक सीरीज के माध्यम से बच्चों को सरल भाषा में भारतीय संविधान समझाया जाता है। यह प्रयास संविधान को स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट प्रोग्राम (जैसे वियतनाम) और छात्रवृत्ति योजनाएं शुरू कीं। Dr. Akshay Kanti Bam Annual Global Scholarship Program के तहत मेधावी छात्रों को अकादमिक, खेल, सांस्कृतिक और CSR गतिविधियों के आधार पर सहायता दी जाती है। वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। WBR Corp UK द्वारा उन्हें “Most Inspiring Young Educationist & Social Activist of India” का सम्मान लंदन के हाउस ऑफ कॉमन्स में मिला। दैनिक भास्कर के ‘कर्मवीर सम्मान 2025’ सहित कई पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। 2019 में कमल नाथ सरकार ने उन्हें “आइकॉन ऑफ एमपी” सम्मानित किया। वे उद्योग, शिक्षा और रियल एस्टेट क्षेत्र में सक्रिय उद्यमी हैं। Ph.D. (पीछा) कर रहे बम B.Com (Hons.), LL.B. (Hons.), MBA और CA (Final) योग्यता रखते हैं।
वाद विवाद कुछ भी हो , यदि देश को मजबूत और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित बनाना है, तो बच्चों और युवाओं को संविधान की गहरी समझ देना आवश्यक है पर किस मूल्यों पर ? सोंचना होगा । जल्द ही Dr. Akshay Kanti Bam की असली कहानी दुनियाँ के सामने आएगा बस थोड़ा इंतजार …
नोट: ये जानकारी सार्वजनिक समाचार स्रोतों (2014-2025) पर आधारित है। इसलिए असली जानकारी के लिए कोर्ट रिकॉर्ड या आधिकारिक स्रोत चेक करें।



