पहले वे EVM का बहाना बनाते थे। अब उन्हें SIR का बहाना मिल गया है..। एसआईआर को लेकर बेवजह का शोर मचा रही है कांग्रेस । कांग्रेस को खुश होना चाहिए कि दिल्ली चुनाव के बाद उसका वोट शेयर 600 फीसदी बढ़ गया है। कांग्रेस को दिल्ली चुनाव में कोई सीट नहीं मिली थी, लेकिन मुख्य विपक्षी दल ने बिहार विधानसभा चुनाव में 6 सीटों पर जीत हासिल की है।

शाहनवाज ने कहा, ‘SIR को लेकर कांग्रेस गैरजरूरी बयान दे रही है बल्कि उसे (कांग्रेस) खुश होना चाहिए कि दिल्ली चुनाव के बाद से उसका वोट शेयर 600% बढ़ा है। कांग्रेस को दिल्ली चुनाव में कोई सीट नहीं मिली थी। लेकिन बिहार चुनाव में कांग्रेस को 6 सीटें मिलीं ‘ शाहनवाज हुसैन का बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस नेतृत्व ने मंगलवार को उन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभारियों, राज्य इकाई प्रमुखों, कांग्रेस विधायक दल के नेताओं और सचिवों के साथ समीक्षा बैठक की, जहां मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कवायद जारी है। पार्टी मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में हुई इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य नेताओं ने भाग लिया। वहीं निर्वाचन आयोग ने बताया है कि नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 51 करोड़ मतदाताओं में से 50 करोड़ से ज़्यादा मतदाताओं को मतदाता सूची की चल रही एसआईआर प्रकिया के तहत गणना प्रपत्र प्राप्त हो चुके हैं। अपने दैनिक एसआईआर बुलेटिन में आयोग ने कहा था कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 50.11 करोड़ गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। दूसरे शब्दों में, 50.99 करोड़ मतदाताओं में से 98.32 प्रतिशत को आंशिक रूप से भरे हुए प्रपत्र प्राप्त हुए हैं। जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एसआईआर की कवायद जारी है, वह छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप हैं। इनमें तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। असम में भी अगले साल विधानसभा चुनाव होना है। आयोग ने पूर्वोत्तर के इस राज्य के लिए ‘‘विशेष पुनरीक्षण’’ की घोषणा की है।
विदत रहे की कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा ने बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वाड्रा ने चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा था कि अगर बिहार में बैलेट पेपर से चुनाव हुए तो नतीजे पूरी तरह उलट जाएंगे। बिहार चुनाव पर उन्होंने कहा कि लोगों के मन में शक है कि धांधली हुई है। हर तरफ यही चर्चा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भाजपा की ‘बी-टीम’ हैं। तेजस्वी यादव के लिए, राहुल और प्रियंका को सुनने के लिए लाखों लोग सड़कों पर उतरे थे, फिर भी इस तरह के नतीजे आए। ये साफ-सुथरा और निष्पक्ष चुनाव नहीं था। लोगों का विश्वास डगमगा गया है, वे विरोध जरूर करेंगे।
