दिल्ली की निजी कम्पनियाँ शोषण कर रही हैं हड़ताली ड्राईवरों का – मुकेश शर्मा।

समान कार्य-समान वेतन’ सिद्धान्त को लागू करके इन हड़ताली ड्राईवरों की वेतन बढ़ाया जाए व इन्हें मैडिकल बीमा कवर दिया जाए/ दिल्ली की जनता को परेशान करने के लिए निजी कम्पनियों पर तुरन्त सरकार पैनल्टी लगाए/ हड़ताली ड्राईवरों की जायज माँगों को तुरन्त माना जाए जिससे दिल्लीवासी परेशान न हों .

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक श्री मुकेश शर्मा ने कहा है कि डी.टी.सी. में निजी कम्पनियाँ अपने ड्राइवरों व कर्मचारियों का न केवल शोषण कर रही हैं बल्कि उनको ‘समान कार्य-समान वेतन’ भी नहीं दिया जा रहा है। श्री शर्मा डी.टी.सी. हड़ताली ड्राईवरों से मुलाकात कर उन्हे अपना खुला समर्थन देते हुए सम्बोधित किया। उनके साथ कांग्रेस नेता विक्रान्त त्यागी भी थे। श्री मुकेश शर्मा ने कहा की कांग्रेस पार्टी व श्री राहुल गाँधी जी लगातार बेरोजगारी व पीड़ित लोगों के लिए आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरा और कांग्रेस पार्टी इन ड्राईवरों के साथ कम्पनियों द्वारा किए जा रहे अत्याचार के खिलाफ आन्दोलन को न केवल पूरा समर्थन है, बल्कि कानून व लोकतंत्र के दायरे में रहकर बड़े से बड़े आंदोलन में मैं इनके साथ रहूँगा। उन्होंने कहा कि पूरे महीने इनसे काम लिया जाता है, लेकिन इनको वेतन केवल 26 दिन का मिलता है। इसके अलावा जबरदस्ती बसों में छोटा-मोटा नुकसान दिखाकर, इनके पैसे भी काटे जाते हैं। श्री शर्मा ने कहा कि इन हड़ताली ड्राईवरों की हालत दिल्ली के कंस्ट्रक्शन वर्कर से भी बदतर है।

उन्होंने यह भी कहा कि न इन्हें महंगाई भत्ता दिया जाता और न ही इन्हें मैडिकल की सुविधा उपलब्ध है। यह पूरी तरह नियम के खिलाफ है व कम्पनियों की दादागिरी है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। श्री शर्मा ने यह भी कहा कि डी.टी.सी. में नए ड्राईवरों व कर्मचारियों की भर्ती बन्द है, लिहाजा सरकार वरीयता के आधार पर इन ड्राईवरों को रिटायर्ड ड्राईवरों की रिक्त वैकेंसी पर डी.टी.सी. में भर्ती करे क्योंकि यह ट्रेंड ड्राईवर है और सारे नियमों को पूरा करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि डी.टी.सी. कर्मचारियों को जबरदस्ती डरा-धमकाकर इस हड़ताल को विफल करने का प्रयास किया जा रहा है। श्री मुकेश शर्मा ने कहा कि पिछले 3 दिन से दिल्लीवासी जिस तरीके से सार्वजनिक परिवहन न होने के कारण न केवल परेशान हैं, बल्कि उनका खर्च भी बढ़ गया है। उन्होंने माँग की कि दिल्ली सरकार, जनता को परेशान करने के लिए इन निजी कम्पनियों पर भारी पैनल्टी लगाए और बाकायदा इस हड़ताल की पूरी जिम्मेदारी कम्पनियों पर तय की जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार के पास सारे अधिकार हैं।

श्री मुकेश शर्मा ने यह भी कहा कि यदि यह कम्पनियाँ इन ड्राईवरों को न्याय नहीं देती हैं तो सरकार को इन कम्पनियों को टेकओवर कर लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कंस्ट्रक्शन वर्कर की तरह इनको दस लाख का मैडिकल बीमा कवर तुरन्त प्रभाव से दिया जाए। सरकार चाहे तो कंस्ट्रशन वर्कर की परिभाषा में बदलाव कर सकती है अन्यथा सरकार के पास ऐसे विकल्प मौजूद हैं जिसके जरिए यदि कम्पनी एक सुविधा दे सकती, तो सरकार यह सुविधा दे और इनकी सभी जायज माँगों को तुरन्त माना जाए, ताकि दिल्ली की जनता परेशान न हो। श्री मुकेश शर्मा ने कहा कि वो दिल्ली के सभी डी.टी.सी. डिपो में हड़ताल पर बैठे ड्राईवरों से न केवल मिलने जायेंगे, बल्कि इस आन्दोलन में उनका पूरा साथ भी देंगे।

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