बदलते बिहार की बदलती तस्वीर, सुकून के राजनीति की शुरुआत तो नहीं ?

प्रशांत किशोर, प्रत्यय अमृत और विनय कुमार को एक साथ एक मेज पर बेहद सहज और गंभीर मुद्रा में देखना निश्चित रूप से बिहार की बदलती राजनीति की एक नई और मुकम्मल शुरुआत है। यह इस बात का प्रमाण है कि बिहार की जनता अब खोखले वादों से आगे बढ़कर जमीन पर काम देखना चाहती … Continue reading बदलते बिहार की बदलती तस्वीर, सुकून के राजनीति की शुरुआत तो नहीं ?