‘बाल गोपाल’ कृष्ण लीला और भारतीय जनमानस, परंपरा, संस्कृति और संस्कार

डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह (सहज़),हरदा,मध्य प्रदेश भारतीय संस्कृति केवल नियमों और ग्रंथों का पुंज नहीं है, बल्कि यह जीवन को उत्सव की तरह जीने की एक कला है। इस कला के केंद्र में हैं,भगवान श्रीकृष्ण। कृष्ण केवल एक पौराणिक चरित्र या अवतार मात्र नहीं हैं, वे भारतीय मानस की आत्मा हैं। बाल्यावस्था की नटखट हरकतों … Continue reading ‘बाल गोपाल’ कृष्ण लीला और भारतीय जनमानस, परंपरा, संस्कृति और संस्कार