बिहार में बहार तो नहीं ही है: ना कानून, ना विकास और ना ही प्रशासन,अंधेर नगरी की ओर अग्रसर सूबा बिहार

आज का बिहार एक ऐसे चौराहे पर खड़ा है जहाँ आम आदमी खुद को असुरक्षित और ठगा हुआ महसूस कर रहा है। स्वास्थ्य व्यवस्थाएं वेंटिलेटर पर हैं, शिक्षा व्यवस्था बदहाल है और रोजगार के साधन नगण्य हैं। “बिहार में बहार है…” एक समय यह चुनावी नारा राज्य की फिजाओं में गूंजता था और जनता को … Continue reading बिहार में बहार तो नहीं ही है: ना कानून, ना विकास और ना ही प्रशासन,अंधेर नगरी की ओर अग्रसर सूबा बिहार