बुजुर्गों की सेवा में तत्पर सम्राट सरकार , 75 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को भी मिलेगी घर बैठे निबंधन की सुविधा

बुजुर्गों की सेवा का मौका मिले तो बढ़चढ़कर कीजिएगा। हमसब को इस उम्र से गुजरना है। मतलब साफ है स्नेहदिल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हर हाल में राज्य के बुजुर्गों की सेवा करने को तत्पर दिख रहे हैं तभी तो उन्होंने 75 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को घर बैठे निबंधन की सुविधा प्रदान की है । वरिष्ठ नागरिकों को अब संपत्ति निबंधन के लिए कार्यालय जाने की नहीं होगी आवश्यकता। सम्राट सरकार के प्रयास और बुजुर्गों के आशीर्वाद से बिहार के विकास को मिलेगी नई गति।

बुजुर्ग हमारे घर परिवार की ख़ुशहाली है। परिवार रूपी पेड़ को अपने पसीने से सींचकर बड़ा करते हैं ये। आज भी हमारे गाँवों में बुजुर्गों की बहुत सेवा होती हैं । अपना काम धंधा सब एक तरफ़ रखकर बहु बेटे बुजुर्गों की सेवा करते हैं। बहुत से ज़रूर काम छोड़कर बेटे बहू इसलिए घर पर रहते हैं कि घर में बापु बूढा है। ये सेवाभाव ही हमारी संस्कृति की नींव है। इस परंपरा को आगे बढ़ाता दिख रही है सम्राट सरकार … मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज जिला निबंधन कार्यालय, वैशाली (हाजीपुर) में राज्य की अत्याधुनिक डिजिटल एवं पेपरलेस निबंधन प्रणाली (होम रजिस्ट्री डिजिटल सिस्टम) के तहत चार महत्वपूर्ण सेवाओं- होम रजिस्ट्रेशन, भूमि संबंधी ऑनलाइन जांच, पेपरलेस निबंधन एवं जी०आई०एस० तकनीक से स्थल निरीक्षण का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 75 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिये होम रजिट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के पहले डिजिटल निबंधन की सेवा प्राप्त करने वाले 83 वर्षीय श्री अवधेश कुमार जी के निबंधन प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री के समक्ष मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा विकसित पेपरलेस निबंधन प्रणाली पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से होम रजिट्रेशन की सुविधा बिहार के लाखों बुजुर्गों को उनके घर पर उपलब्ध करायी जा रही है। बिहार डिजिटल शासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पेपरलेस निबंधन प्रणाली (होम रजिस्ट्री डिजिटल सिस्टम) की सुविधा 80 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों को उपलब्ध करायी जानी थी, जिसमें अब उम्र सीमा घटाई गई है। अब पेपरलेस निबंधन प्रणाली की सुविधा 75 वर्ष से अधिकआयु के नागरिकों को भी घर बैठे उपलब्ध करायी जायेगी। सरकार का उद्देश्य आम नागरिकों के ईज ऑफ लिविंग को बढ़ाना तथा सरकारी सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाना है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी भारत को विकसित बनाने के लिये निरंतर काम कर रहे हैं तथा पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने समृद्ध बिहार का संकल्प लिया है, हमारी सरकार समृद्ध बिहार के संकल्प को साकार करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयास और बुजुर्गों के आशीर्वाद से बिहार विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। वैशाली की धरती काफी ऐतिहासिक है, जो भगवान बुद्ध और भगवान महावीर से जुड़ी होने के साथ-साथ यह लोकतंत्र की जननी है। श्रद्धेय स्व० रामविलास पासवान जी का यह कार्य क्षेत्र रहा है। मैं इस पवित्र भूमि को नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि आपसी बंटवारे और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए राज्य से बाहर रहने वाले लोगों को भी एप्लीकेशन के माध्यम से डिजिटल निबंधन की सुविधा सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निबंधन कार्यालयों में आने वाले लोगों के लिए सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाय। पेपरलेस निबंधन प्रणाली (होम रजिस्ट्री डिजिटल सिस्टम) डिजिटल बिहार की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे निबंधन प्रक्रिया सुरक्षित, सरल, पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी। अब आवेदकों को निबंधन से जुड़े दस्तावेज व्हाट्सएप एवं ई-मेल के माध्यम से भी उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में भूमि की खरीद-बिक्री से पहले जी०आई०एस० तकनीक एवं ऑनलाइन सत्यापन के माध्यम से भूमि की वास्तविक स्थिति की पुष्टि की जाएगी। इससे खरीदारों के हित सुरक्षित होंगे, विवादों में कमी आएगी तथा भूमि लेन-देन में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 जुलाई को बिहार के विभिन्न प्रखंडों में 213 नये डिग्री कॉलेजों की शुरूआत होगी, जिससे सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा का विस्तार होगा। नई डिजिटल प्रणाली के तहत अब भूमि निबंधन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन एवं पेपरलेस होगी। कागजी कार्रवाई में कमी आने से समय की बचत होगी तथा लोगों को निबंधन कार्यालय के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आयेगी और भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी। हर महीने की 10 तारीख को डी०बी०टी० के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से जुड़े करीब एक करोड़ लाभार्थियों को 1100 रूपये पेंशन की राशि उनके बैंक खाते में भेजी जाती है, इससे उनके जीवन में बदलाव आया है। सरकार का मूल मकसद बिहार की समृद्धि का रास्ता बनाकर बिहार को आगे बढ़ाना है। इस महत्वपूर्ण आयोजन से जुड़े सभी लोगों को मैं धन्यवाद देता हूं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने डिजिटल रजिस्ट्रेशन सुविधा विकसित करने वाले सर्विस प्रोवाइडर से जुड़े लोगों को सम्मानित किया।

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