दिल्ली समेत सभी महानगरों और उससे सटे इलाकों में किराएदारों को लगातार परेशान किया जाता रहा है। बावजूद इसके न तो दिल्ली सरकार, न उपराज्यपाल और न ही केंद्र सरकार के संबंधित निकायों द्वारा इनके हित के संरक्षण का आज तक कोई ठोस उपाय किया गया है; न ही निकट भविष्य में ऐसी कोई संभावना दिखाई देती है।

यह जानते हुए कि यहां स्थाई अथवा अस्थाई रूप से किराए के मकान में रहने वाले ये किराएदार न केवल दिल्ली सरकार के राजस्व का बहुत बड़ा जरिया है बल्कि दिल्ली के मतदाताओं का अधिसंख्य वर्ग है। अपने मत-प्रतिशत की अधिकता के कारण यह दिल्ली के कई विधान सभा क्षेत्रों में तो यह निर्णायक की भूमिका भी निभाता है।
विभिन्न तरीकों से परेशान किया जाता है
इतने के बावजूद इन्हें मकान मालिकों के द्वारा विभिन्न तरीकों से परेशान किया जाता है और उनके साथ दुव्र्यवहार भी किया जाता है। हालांकि ये माकान मालिक अपने माकानों का व्यवसायिक उपयोग कर रहा है फिर भी सरकार इनसे रिहाइसी दर पर ही हाउस टैक्स ले रही है, बिजली एवं पानी के बिलों में स्लैब बनाकर इन्हें तो रियायत दे रही है पर किराएदारों को किसी भी प्रकार की सुविधा माकान मालिकों की ओर से नहीं दिया जाता है जबकि वे अपने मीटरों में सब-मीटर लगाकर इनसे बिजली बिल ले रहे हैं और पानी बिल अपने अपने हिसाब से मनमाना। इतना ही नहीं, यदि इन किराएदारों के कोई सगे-संबंधी इनसे मिलने आते हैं अथवा कुछ दिनों के लिए किसी विशेष कार्य वश मसलन इलाज आदि के लिए रुकते हैं तो उन दिनों वे इन्हें बेवजह अत्यधिक परेशान करते हैं।
किराए दारों के हित की रक्षा
किराए दारों के हित की रक्षा के लिस किसी निश्चित निकाय के आभाव में ये कहां जाएं और किससे शिकायत करें यह एक यक्ष प्रश्न बन कर रह जाता है। माकान मालिकों की मनमानी रोकने एवं किराएदारों के हित की रक्षा के लिए संबंधित सरकारों को कोई ठोस व्यवस्था करनी होगी। इसके लिए निम्न विंदुओं पर ध्यान देने की तत्काल आवश्यकता है-
किराएदारों के हित की रक्षा के लिए मनमाना वसूले जा रहे किराए पर रोक/नया दिल्ली रेंट कंट्रोल एक्ट लाया जाय और उसे प्रभावी किया जाय/मनमाने तरीके से वसूले जा रहे बिजली-पानी के बिलों पर रोक तथा किराएदारों के लिए बिजली-पानी के मीटरों की अलग से व्यवस्था/किराएदारों को परेशान करने की स्थिति में उनके हितों की रक्षा के लिए एक प्रभावी निकाय की व्यवस्था जहां किराएदार अपनी बातों को रख सके और उस पर सुनवाई हो/समय-समय पर दिल्ली सरकार अथवा डीडीए द्वारा किए जाने वाले फ्लैटों के आवंटन में किराएदारों को विशेष वरियता/मकान मालिक के दुव्र्यवहार की स्थिति में दिल्ली पुलिस के लिए विशेष दिशा निर्देश, ताकि वह मकान मालिकों के साथ मिलकर किराएदारों को डराना धमकाना बंद करे/स्थाई रूप से रह रहे किराएदारों के लिए सस्ते प्लाॅटों अथवा फ्लैटों का समय-समय पर आवंटन ताकि किराएदार भी अपना मकान बना सके।
