मिली है उम्र बहुत कम, संभाल कर रखो, दिलों में बुग़्ज़ ना यूँ पाल पाल कर रखो।

डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह,सहज़,हरदा, मध्य प्रदेश मिली है उम्र बहुत कम, संभाल कर रखो, दिलों में बुग़्ज़ ना यूँ पाल पाल कर रखो। ​सफ़र ये एक पल का है, रास्ता भी कठिन, मोहब्बतों को ज़ाद-ए-सफ़र बना कर रखो। ​अजीब लोग हैं जो  यूं उम्र ज़ाया करते हैं, दूसरों के दामन पे न मिट्टी उछाल के … Continue reading मिली है उम्र बहुत कम, संभाल कर रखो, दिलों में बुग़्ज़ ना यूँ पाल पाल कर रखो।