यूजीसी आंदोलन और राजनीतिक दलों की रहस्यमयी चुप्पी: क्या सवर्ण सिर्फ वोट बैंक और बंधुआ मजदूर बनकर रह गए हैं?

यूजीसी आंदोलन और इसके प्रति राजनीतिक दलों की उदासीनता भारतीय लोकतंत्र के एक स्याह पहलू को उजागर करती है। यह इस बात का प्रमाण है कि आज की राजनीति में नीतियां और न्याय इस आधार पर तय नहीं होते कि मांग कितनी सही है, बल्कि इस आधार पर तय होते हैं कि उस मांग के … Continue reading यूजीसी आंदोलन और राजनीतिक दलों की रहस्यमयी चुप्पी: क्या सवर्ण सिर्फ वोट बैंक और बंधुआ मजदूर बनकर रह गए हैं?