सोशल मीडिया के कंटेन्ट को उड़ाती सरकार: क्या डर के साये में जिये जनता?

सोशल मीडिया के कंटेंट को ‘उड़ाने’ की सरकारी होड़ यदि केवल अफवाहों और नफरत को रोकने तक सीमित है, तो देश इसे स्वीकार करेगा। लेकिन यदि इसका इस्तेमाल नागरिकों की असहमति को दबाने और अपनी कमियों को छुपाने के लिए एक राजनीतिक हथियार के रूप में किया जाएगा, तो यह देश की लोकतांत्रिक आत्मा पर … Continue reading सोशल मीडिया के कंटेन्ट को उड़ाती सरकार: क्या डर के साये में जिये जनता?