महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन के बीच अब खुलकर विवाद सामने आ गया है। सीएम फडणवीस ने शिंदे शिवसेना को दो टूक कहा है कि, आप करें तो ठीक और भाजपा करे तो गलत, ये नहीं चलेगा।

अब महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर बढ़ते मतभेदों को पूरी तरह उजागर कर दिया। बैठक में शिंदे शिवसेना के कई मंत्री अनुपस्थित रहे, जबकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे स्वयं बैठक में मौजूद थे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट कहा, “उल्हासनगर में शुरुआत आप लोगों ने ही की थी। आप करेंगे तो ठीक और बीजेपी करेगी तो गलत, यह नहीं चलेगा।अब से कोई भी दल दूसरे दल के कार्यकर्ताओं को प्रवेश नहीं देगा। यह नियम दोनों पार्टियों पर लागू होगा। तनाव बढ़ने के बाद भाजपा के कद्दावर नेता चंद्रशेखर बावनकुळे भी मंत्रालय पहुंचे और उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से बंद कमरे में लंबी चर्चा की। माना जा रहा है कि विवाद को सार्वजनिक रूप से बढ़ने से रोकने की कोशिश की गई। सूत्रों के अनुसार मंत्रियों ने आरोप लगाया कि, भाजपा शिवसेना (शिंदे गुट) के कार्यकर्ताओं को तोड़कर अपने संगठन में ला रही है। विशेष रूप से मंत्री रविंद्र चव्हाण पर स्थानीय स्तर पर हस्तक्षेप कर “हमारे कार्यकर्ताओं को भाजपा में शामिल कराने” का आरोप लगाया गया। बता दें पिछले महीने उल्हासनगर में बीजेपी के चार पूर्व पार्षदों को एकनाथ शिंदे ने अपनी शिवसेना में शामिल किया।आज बीजेपी ने ठाणे के डोंबिवली में शिवसेना के पाँच पूर्व पार्षदों को बीजेपी में शामिल कराया जिस से शिंदे शिवसेना नाराज हो गई । उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने इस विवाद पर संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मुझे इस मामले की अधिक जानकारी नहीं। हमारे भी कई नेता बैठक में नहीं थे या बीच में निकल गए, क्योंकि आज नामांकन वापस लेने का आखिरी दिन था।अगर मुझे पहले पता होता तो मैं सीधे एकनाथ शिंदे से पूछता।”
