कोलकाता में आबादी और वोटरों की संख्या में भारी अंतर को लेकर TMC और BJP आमने-सामने हैं। TMC का कहना है कि यहां सभी भारतीय हैं और वोट ट्रांसफर की प्रक्रिया जारी है, जबकि BJP फर्जी पहचान और अनियमितताओं के आरोप लगा रही है।

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी कि SIR अभियान शुरू कर दिया है जिसके तहत कोलकाता के सभी इलाके सहित मुस्लिम बहुल इलाको में भी घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच शुरू कर दी गई है। TMC के हेल्प डेस्क प्रभारी मेहराबुद्दीन खान ने कहा, ‘गुलशन कॉलोनी की आबादी करीब 1 से 1.5 लाख है। वोटरों की संख्या 2500-3000 के आसपास है। बाकी लोग वोट बनवाने की प्रक्रिया में हैं या अपना वोट यहां ट्रांसफर करवा रहे हैं। यह कॉलोनी 20-25 साल पुरानी है। आबादी अचानक नहीं बढ़ी, धीरे-धीरे बढ़ी है। कहीं से अचानक लोगों का आना नहीं हुआ। पश्चिम बंगाल के कोने-कोने से लोग यहां आए हैं। यहां अल्पसंख्यक समुदाय के लोग रहते हैं। विपक्ष कई तरह के आरोप लगा सकता है, लेकिन यहां सभी भारतीय हैं। कोई बिहार से आया, कोई उत्तर प्रदेश से, कोई दूसरी जगहों से। मैंने यहां कोई रोहिंग्या या बांग्लादेशी नहीं देखा।’ बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) वसीम अकरम ने बताया, ‘मेरे ब्लॉक में फॉर्म बांटने का काम लगभग पूरा हो चुका है। कुल 1622 वोटर हैं, सिर्फ 300 के करीब फॉर्म बाकी हैं। कुछ लोग यहां रहते हैं लेकिन उनका वोट कहीं और दर्ज है। वे खुद आकर फॉर्म ले गए। 5-6 फीसदी लोग कह रहे हैं कि उनका नाम लिस्ट में होना चाहिए था, लेकिन नहीं है। 1995 में जिनका वोट बना था, 2002 के SIR में उनका नाम काट दिया गया था। ऐसे लोगों को दिक्कत हो रही है, उनके कागजात चेक किए जा रहे हैं। बहुत सारे लोग दूसरी विधानसभा क्षेत्रों से आए हैं और अभी तक वोट ट्रांसफर नहीं करवाया। ऐसे लोग 50 फीसदी से ज्यादा हैं।’
