क्या नास्तिक होना गुनाह है ? नहीं कभी नहीं । फिर यह वानर सेना और हिन्दू सेना कौन होता है दुनिया को पाठ पढ़ाने वाला ? बीते दिनों एसएस राजामौली ने भगवान हनुमान को लेकर एक बयान दिया और विवादों में घिर गए। लोगों ने उनके बयान का विरोध किया और शिकायत तक दर्ज कराई थी।

दरअसल बीते 18 नवंबर को हैदराबाद के सरूरनगर पुलिस को वानर सेना संगठन की ओर से एक शिकायत मिली, जिसमें आरोप लगाया गया था कि राजामौली ने यह कहकर हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है कि ‘मैं हनुमान भगवान में विश्वास नहीं करता।’ हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में आयोजित वाराणसी कार्यक्रम में तकनीकी खराबी के कारण टीजर नहीं दिखाया जा सका। राजामौली ने भीड़ से माफी मांगी और कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा है जैसे भगवान हनुमान ने उन्हें निराश किया हो। निर्देशक ने कहा, ‘जब मेरे पिता ने हनुमान के बारे में बात की और सफलता के लिए उनके आशीर्वाद पर निर्भर रहने का सुझाव दिया, तो मुझे बहुत गुस्सा आया। मेरी पत्नी की भगवान हनुमान में गहरी आस्था है। वह उनसे ऐसे बात करती हैं जैसे वह उनके दोस्त हों। मैं कुछ देर के लिए उन पर गुस्सा भी हुआ। देखते हैं क्या होता है।’ राजामौली का बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के तुरंत बाद, नेटिज़न्स ने उनकी आलोचना की, कई लोगों ने आश्चर्य व्यक्त किया क्योंकि बाहुबली और आरआरआर सहित उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्में हिंदू महाकाव्यों और पौराणिक कथाओं से काफी हद तक प्रेरित हैं।
