सेंगर की बेटी की भी सुना जाना चाहिए ??

उन्नाव रेपकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। 29 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत पर रोक लगा दी। पर facebook पर कुलदीप सेंगर की बेटी इशिता और ऐश्वर्या सेंगर ने अपने पक्ष को रखते हुए एक मार्मिक पोस्ट किया है और अपने आप को विक्टिम दर्शाया है । इस पोस्ट के बाद एक बहस छिड़ गई है कि क्या सेंगर की बेटी की भी सुनी जानी चाहिए ??

बलात्कारी और हत्यारा कुलदीप सेंगर पर अगली सुनवाई अब चार सप्ताह बाद होगी। दिल्ली हाई कोर्ट ने 23 दिसंबर को कुलदीप सेंगर को जमानत दी थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कुलदीप सेंगर की बेटी डॉ. इशिता सेंगर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक पोस्ट साझा किया। इशिता ने यह तक कह दिया कि वो कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी हैं, इसलिए लोग चाहते हैं कि उनके साथ भी रेप जैसी घटना होनी चाहिए, हत्या कर देनी चाहिए।

कुलदीप सिंह सेंगर की दूसरी बेटी ऐश्वर्या सेंगर ने कहा है कि ‘लड़ेंगे, हारेंगे नहीं’। इशिता सेंगर ने लिखा कि वह डरी हुई और बेहद थका हुआ महसूस कर रही हैं। धीरे-धीरे उनका विश्वास कमजोर पड़ता जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा है।

इशिता ने लिखा कि उन्होंने और उनके परिवार ने पिछले 8 साल धैर्य के साथ इंतजार किया है। उन्हें भरोसा था कि अगर वे हर चीज सही तरीके से करेंगे तो सच अपने आप सामने आ जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने कानून और संविधान पर विश्वास किया, लेकिन अब यह विश्वास टूटता हुआ महसूस हो रहा है। इशिता सेंगर ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि जब बिना पूरी बात सुने किसी पूरे परिवार को दोषी मान लिया जाता है और सच शोर-शराबे में दब जाता है, तब उस दर्द को समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोई सच को सुनना न चाहे, इससे सच खत्म नहीं हो जाता। ऐसे में आइए पढ़ें इशिता ने क्या-क्या लिखा है। इशिता सेंगर बोलीं- ‘मैं डरी और थकी, धीरे-धीरे भरोसा खो रही’ पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी डॉ. इशिता सेंगर ने एक ओपेन लेटर लिखते हुए कहा, ”रिपब्लिक ऑफ इंडिया के माननीय अधिकारियों को, मैं यह लेटर एक ऐसी बेटी के तौर पर लिख रही हूं जो थकी हुई, डरी हुई है और धीरे-धीरे भरोसा खो रही है, लेकिन फिर भी उम्मीद बनाई हुई हूं क्योंकि अब और कहीं जाने की जगह नहीं बची है। आठ साल से, मैंने और मेरे परिवार ने इंतजार किया है। चुपचाप, सब्र से, यह मानते हुए कि अगर हमने सब कुछ सही तरीके से किया, तो सच आखिरकार खुद ही बोलेगा। हमने कानून पर भरोसा किया। हमने संविधान पर भरोसा किया। हमने भरोसा किया कि इस देश में न्याय शोर, हैशटैग या लोगों के गुस्से पर निर्भर नहीं करता। आज, मैं इसलिए लिख रही हूं क्योंकि वह भरोसा टूट रहा है।”इशिता सेंगर ने आगे लिखा, ”मेरी बातें सुनी भी नहीं जातीं, इससे पहले ही मेरी पहचान एक लेबल तक सीमित कर दी गई है-“एक BJP MLA की बेटी।” जैसे कि इससे मेरी इंसानियत खत्म हो जाती है। जैसे कि सिर्फ इसी वजह से मैं निष्पक्षता, इज्जत, या बोलने के अधिकार के भी लायक नहीं हूं। जो लोग मुझसे कभी नहीं मिले, कभी एक भी डॉक्यूमेंट नहीं पढ़ा, कभी एक भी कोर्ट रिकॉर्ड नहीं देखा, उन्होंने तय कर लिया है कि मेरी जिंदगी की कोई कीमत नहीं है।”

मीडिया मार्ट इंडिया कुलदीप सेंगर की बेटियों के पोस्ट से मार्मिक कम और आश्चर्यचकित ज्यादा है । आपके घर में क्या हो रहा है क्या यह आपको नहीं मालूम होता है ? क्या किसी के साथ बलात्कार करने के बाद उसके परिवार के सदस्यों की हत्या करवा देना जायज है ? कहाँ थी आप दोनों बहनें जब यह सब आपके घर के दहलीज से किया और करवाया जा रहा था ? पब्लिक ने आपके पिता को विधायक सेवा करने के लिए बनाया था मालिक बनने के लिए नहीं ?

कुलदीप सेंगर की बेटियों को उसके पोस्ट और सवालों का जवाब पब्लिक ने पोस्ट के कमेन्ट में दे दिया है जिससे मीडिया मार्ट इंडिया पूर्ण सहमति व्यक्त करता है …

नोट – यह खबर facebook के आधार पर बनाया गया है । लेखक ने अपनी राय मात्र दी है ….

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