देश के अधिकांश हिस्सों में अंग्रेजी कैलेंडर का चलन आज भी जारी है।

यूं तो नया साल पूरे विश्व में अलग अलग दिन मनाया जाता है। भारत में भी कुछ इसी प्रकार के परंपरा के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में नववर्ष मनाया जाता है। परंतु अंग्रेजों के सैकड़ों वर्षो की गुलामी के वजह से अंग्रेजी कैलेंडर को अभी तक लोग भूल नहीं सके हैं। आजादी के 70 वर्ष से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी देश के अधिकांश हिस्सों में अंग्रेजी कैलेंडर का चलन आज भी जारी है।

बहरहाल, अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक 1 जनवरी से नए साल की शुरुआत मानी जाती है। कैलेंडर के मुताबिक साल के आखिरी दिन 31 दिसंबर होता है। इसलिए 1 जनवरी को पूरा विश्व में नया साल मनाया जाता है। इस के उपलक्ष में लोग बड़े हर्षोल्लास के साथ इसे त्यौहार के रूप में मनाते हैं। नया साल में लोगों के लिए नए उत्साह, उम्मीद और उमंग के अलावा, नए सपने, लक्ष्य   एवं नए तरकीब के साथ इसका स्वागत करते हैं। मान्यता यह है कि साल का पहला दिन अगर उत्साह और खुशी के साथ नई सोच को लागू किया जाए तो पूरा साल भर उसका और खुशियों के साथ बीतेगा। हालांकि हिंदू पंचांग के मुताबिक 9 वर्ष का आगाज 1 जनवरी को न हो कर ‘गुड़ी पड़वा’ से होता है।  आपको बता दें कि गुड़ी पड़वा के दिन ही ‘नव संवत्सरारम्भ’ माना जाता है। चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा अर्थात पहली तिथि को गुड़ी पड़वा या वर्ष प्रतिपदा या उगादि के नाम से भी जाना जाता है। इसी दिन हिंदू परंपरा के अनुसार नव वर्ष का शुरुआत माना जाता है गुड़ी पड़वा की व्याख्या में बताया गया है कि गुड़ी का अर्थ होता है ‘विजय पताका’ और ‘पड़वा’ अर्थात पक्ष की शुरूआत को कहा जाता है। आपको बता दूं कि हिंदी रीति-रिवाज के मुताबिक नया साल 1 जनवरी को न होकर इस बार 6 अप्रैल को मनाया जाएगा। लेकिन दुनिया से कदम मिलाने की होड़ में अपने संस्कृति विरासत को भूल रहे हैं। पर हम वैज्ञानिक युग में वैज्ञानिकता के अहमियत को भी नहीं भुला सकते।

अंग्रेजी विरासत के दिन 1 जनवरी, जो कि नए साल के रूप में मनाने की परंपरा जो सभी धर्मों को एक सूत्र में पिरोने में काफी मददगार साबित होता है। 1 जनवरी को नया साल मनाना सभी धर्मों में एकता को दर्शाता है। कारण यह है कि इस नए साल के उत्सव में सभी धर्मों के लोग बड़े उत्साह से मजा लेते हैं। देखा जाता है कि 31 दिसंबर की रात से ही कई स्थानों पर अलग-अलग समूह में लोग इकट्ठा होकर नववर्ष की जश्न शुरू कर देते हैं। साथ ही साथ, 12 बजते ही लोग एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं देने लगते हैं। इसके साथ ही लोग बधाई और तरक्की की कामना एक-दूसरे के लिए नव वर्ष में करते हैं। नया साल नई शुरुआत को दर्शाता है। हमेशा आगे की ओर बढ़ने की सीख देता है। जो समय बीत गया, वह पुनः वापस नहीं आएगा। पुराने साल हमने जो भी किया, सीखा और सफलता-असफलता जो भी मिली, उससे सीखने की नई उम्मीद के साथ नए वर्ष में नया लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ना चाहिए। लोगों के हित की बात किया जाए तो लोगों को बीते हुए समय का अफसोस या उस पर दुख व्यक्त नहीं करना चाहिए। जैसे पुराने साल के बीतने पर दुख का भाव व्यक्त नहीं होता है और नए वर्ष के उल्लास में पूरी दुनिया रोमांचित दिखती है। ठीक उसी प्रकार से समय के बीत जाने पर दुख व्यक्त कर आने वाले समय की बर्बादी से लोगों को बचना चाहिए। हरेक पल का उत्साह के साथ जीना चाहिए। 

आने वाले नए साल में राजनीतिक गलियारे में भी हलचल होने की संभावना है। साल 2025 में हुए राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम से घबराई भारतीय जनता पार्टी नए साल में नई ऊर्जा और नई सोच के साथ मैदान में उतरेगी। साथ ही, कांग्रेस भी बीते साल के उर्जा को बनाए रखने की अपील कार्यकर्ताओं से किया है। कांग्रेस ने कहा है कि नए साल में होने वाले चुनाव में एक नया इतिहास लिखा जाएगा। राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद नए साल में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सभी नेता अपनी जमीन तैयार करने में जुटे हैं। सरकार बनाने के लिए एक तरफ सत्ताधारी पार्टी अपने सहयोगी दलों को एकजुट करने की तैयारी चल रही है। वहीं सत्ताधारी दलों के विरोधी पार्टियों को भी एक मंच पर लाने की कवायद लगातार कर रही है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) अपना खेमा बचाने के लिए लगातार जद्दोजहद करती नजर आ रही है। एनडीए सरकार के सहयोगी पार्टियां भाजपा को लगातार आंखें दिखा रहीं हैं। वहीं जनता अभी राजनीतिक दलों के गतिविधियों और सत्ता एवं विपक्षी दलों के कार्यों को बारीकी से अध्ययन कर रही है। नए साल में होने वाले लोकसभा चुनाव में जनता भी नई सोच, नई उमंग और उत्साह के साथ मतदान करेगी। Ai युग में परंपरा , विरासत के साथ वैज्ञानिक सोंच को भी साधना जरूरी है ताकि हम दुनिया के चलन में कदम दर कदम साथ चल सके। एक सकारात्मक सोच और प्रगतिशील एवं मजबूत सरकार बनाने में अहम योगदान देगी, जो देश के विकास को आगे बढ़ाने का काम करेगी।

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