क्रांति, क्रोनोलॉजी, स्क्रिप्टेड , संदेह के बीच ऐतिहासिक आन्दोलन जंतरमंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का ! सच कुछ और है या नहीं यह आप निर्णय लें ?

भारत के GenZ युवाओं को समझना होगा कि उनके साथ जो अन्याय और धोखा हो रहा है, वो सरकार की नीति और राजनीति का नतीजा है..

दिल्ली के जंतर -मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर से धरना- प्रदर्शन। मैंनै यहां आकर लंबा समय बिताया, काफी वीडियो भईया बनाया जो आप हमारे यूट्यूब चैनल www.youtube.com/@mediamenzindia wa.me/7290918285 linkedin.com/in/umashankar-singh x.com/withumashankar instagram.com/umashankar_journalist facebook.com/journalistumashankarsingh पर देख सकते हैं और देखा कहीं भी किसी को आने-जाने में कोई बाधा नहीं है। पुलिस जैसे प्रदर्शनों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था करती है उतनी ही व्यवस्था है। कनाड प्लेस के सभी सड़कों पर कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों का भीड़ या उनका कई समूह आता जाता दिनभर दिखता रहा ।

कुल मिलाकर यही कुछ स्थिति दिनभर रहा और इनकी संख्या मुझे लगता है कि 15000 से ज्यादा ही होगी। मीडिया की बहुत बड़ी संख्या थी। जिनमें विदेशी मीडिया भी शामिल था । यूट्यूब चैनल के लोगों की बहुत बड़ी संख्या थी । वे जगह-जगह बात कर रहे हैं। आने वाले लगातार यूट्यूब चैनल पर जो कुछ उनका कहना है कह रहे हैं। अलग-अलग पार्टियों के कुछ चेहरे यहां देखने के ध्यान से मिले।

भाकपा माले और आइसा भी शामिल था । ऐसा माहौल बनाया गया था कि अमेरिका से अभिजीत के वापस लौटने के बाद बहुत बड़ी भीड़ उनका स्वागत करेगी , सड़कों पर भी लोग होंगे ऐसा ही हुआ। जंतर मंतर पर चारो ओर भीड़ ही भीड़ दिखा है। सरकार ने भी इन्हें धरना प्रदर्शन की अनुमति दी। पहले से उनके पास यहां धरना देने का कोई अनुमति पत्र नहीं था। इनके लोग गए, एसीपी से आग्रह किया , दिल्ली पुलिस ने पहले से व्यवस्था कर रखी थी कि ये आएंगे तो प्रदर्शन इनको करने दिया जाएगा । उसके अनुरूप उसकी तैयारी थी। उन्होंने तुरंत व्यवस्था कर रखी थी। सुरक्षा व्यवस्था भी सामान्य है जैसे अन्य कुछ प्रदर्शनों के दौरान यहां होता है। किसी के आने-जाने पर कोई रोक नहीं है प्ले स्टोर जो सुरक्षा बैरिकेड सामान्य तौर पर लगाते हैं वैसे ही है प्ले स्टोर कोई भी यहां आकर देख सकता है कि जो लोग जा रहे हैं उनको पुलिस हाल सुरक्षा की दृष्टि से चेक कर ले रही है और मेटल डिटेक्टर वाले गेट लगे हुए हैं।

तत्काल इससे साफ हो गया कि सोशल मीडिया पर बनी कॉकरोच या तिलचट्टा ने देश में जंतर मंतर से तूफान खड़ा कर दिया । परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक होना निश्चित रूप से पूरे देश के लिए चिंता का विषय है । परीक्षा देने वाले बच्चे सभी पार्टियों के परिवारों के होंगे उसका निदान होना चाहिए। किंतु कोई सोचे कि उसके आधार पर भारत में बांग्लादेश, श्रीलंका या नेपाल जैसा Genz हो जाएगा तो कम से कम कॉकरोच जनता पार्टी के आज के प्रदर्शन ने अवश्य निरुत्साहित किया होगा।

कॉकरोच जनता पार्टी को सपोर्ट करने के लिये बड़ी संख्या में छात्र और युवा वर्ग दिल्ली के जंतर मंतर पर पहुँचे थे,युवाओ के बीच माहौल खराब करने के लिये गोदी मीडिया के पत्रकार भी अब उलटे सीधे सवाल करने पहुँच गए थे , ये पत्रकार जानबूझकर युवाओ को भड़काते है , फिर उनकी रील काटकर ढिंढोरा पीटते है और बदनाम करते है ,विडिओ देखिये –

कुछ देर पहले युवाओ के बीच 2-3 पत्रकार गोदी मीडिया के आ गए और फालतू सवाल करने लगे , गोदी पत्रकार पूछने लगा आप जूते क्यों पहनकर आये , आपने T शर्ट क्यों नहीं पहनी , आपको सरकार पर भरोसा नहीं , इसके बाद युवाओ ने उन गोदी मिडिया के पत्रकारों का विरोध किया और गोदी मोदी GO बैक नारे लगाकर भगा दिया,विडिओ देखिये –

यह विडिओ भी देखिये

क्या यह स्क्रिप्टेड क्रांति है ? क्या है इसकी क्रोनोलॉजी? समझो ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के आंदोलन का खेल! या सच कुछ और है?

​राजनीति में जो दिखता है, वो होता नहीं और जो होता है, वो आसानी से दिखता नहीं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का यह तामझाम वाला आंदोलन असल में जनता की आवाज़ है या फिर एक बिछाया हुआ जाल? क्या कहते हो आप लोग क्योंकि यहाँ परदे के पीछे की कहानी साफ कह रही है गंगाधर ही शक्तिमान है! ये सब मुझे part B लग रहा है आप सभी को क्या लग रहा है? चलो, ज़रा इस पूरे आंदोलन की ‘क्रोनोलॉजी’ को डिकोड करते हैं

​क्या यह सच है -क्रोनोलॉजी वीआईपी परमिशन (VIP Permission)- ​एक आम इंसान या जायज संगठन को अगर दिल्ली के जंतर-मंतर पर बैठकर अपनी बात रखनी हो, तो पुलिस की परमिशन के चक्कर काटते-काटते 3 से 4 दिन निकल जाते हैं। लाठियां और मुकदमे बोनस में मिलते हैं।

​लेकिन यहाँ क्या हुआ? अभिजीत दीपक के दिल्ली एयरपोर्ट पर कदम रखने से पहले ही पुलिस उनके स्वागत में लाल कालीन (परमिशन लेटर) लेकर खड़ी थी। मानो आंदोलन की स्क्रिप्ट बहुत पहले ही किसी आलीशान कमरे में बैठकर लिख दी गई हो!क्रोनोलॉजी कड़वा इतिहास बनाम आसान रास्ता, ज़रा याद कीजिए देश के असली संघर्षों को- ​किसान आंदोलन: महीनों तक कड़ाके की ठंड में किसान दिल्ली के बॉर्डर्स पर बैठे रहे। 800 से ज़्यादा शहादतें हुईं, लेकिन दिल्ली की सीमा के अंदर कदम नहीं रखने दिया गया। सड़कों पर कटीले तार और लोहे की कीलें ठोक दी गईं। ​महिला पहलवान विनेश फोगाट और साक्षी मलिक जैसी चैंपियन बेटियां जब इंसाफ़ के लिए जंतर-मंतर पर बैठीं, तो उन्हें सड़कों पर घसीटा गया, हिरासत में लिया गया।

…और दूसरी तरफ महज़ कुछ दिन पुरानी एक ऑनलाइन पार्टी इतनी सहूलियत के साथ जंतर-मंतर पर ‘पीसफुल प्रोटेस्ट’ का बैनर टांग कर बैठ जाती है? ऐसा चमत्कार इस सरकार में पहले कभी देखा है क्या? क्रोनोलॉजी अगला सीन क्या होने वाला है? (Conspiracy Theory) ​राजनीतिक गलियारों की मानें तो इस स्क्रिप्ट का ‘क्लाइमेक्स’ भी तय है ? मुझे तो ऐसा ही लग रहा है आप सभी को क्या लग रहा आगे CJP थोड़ा और शोर मचाएगी।

कुछ दिन आंदोलन का यह लाइव ड्रामा चलेगा। फिर सरकार अचानक बहुत ‘दरियादिल’ बनकर उनकी सारी शर्तें मान लेगी। अभिजीत दीपक और उनकी टीम इसे अपनी ‘ऐतिहासिक जीत’ बताकर मुस्कुराते हुए घर लौट जाएगी। ऐसा होगा क्या? असली नैरेटिव गेम क्या है? इसके बाद सत्तारूढ़ पार्टी अपनी पीठ थपथपाते हुए कहेगी देखो, जो काम बड़ी-बड़ी विपक्षी पार्टियां 70 सालों में नहीं करा पाईं, वो काम 4 दिन पहले आई एक ऑनलाइन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने करवा दिया! सीधा गणित है विपक्ष को पूरी तरह निकम्मा और अप्रासंगिक साबित करने की यह एक शानदार चाल है क्या? प्रेशर कुकर की ‘सीटी’ है क्या CJP!? विशेषज्ञों के मुताबिक, कॉकरोच जनता पार्टी कुछ और नहीं बल्कि सरकार का ‘सेफ्टी वाल्व’ (Safety Valve) है क्या? जब प्रेशर कुकर में जनता के गुस्से और विपक्ष के सवालों का दबाव बहुत बढ़ जाता है, तो ब्लास्ट से बचने के लिए एक ऐसी ‘सीटी’ का खुलना ज़रूरी होता है जो सारा प्रेशर चुपके से बाहर निकाल दे। CJP वही सीटी है!? भाई लोग? इस तथाकथित ‘महान आंदोलन’ की क्रोनोलॉजी पर आपका क्या सोचना है? क्या आप भी मेरी तरह इस चक्रव्यूह को समझ पा रहे हैं? कमेंट में अपनी राय बताएं!

कांग्रेस समर्थक का प्रोफ़ाइल देखिये वह आज क्या सोंच रहे हैं । NEET और CBSE घोटालों के खिलाफ यूथ कांग्रेस (IYC) & NSUI देशव्यापी “हल्ला बोल” आंदोलन चला रही है । गूगल से पूछे जाने पर उसने निम्न कुछ रेफरेंस शेयर किये । भारतीय युवा कांग्रेस और NSUI ने 29 मई 2026 से पूरे देश में “हल्ला बोल” अभियान शुरू किया। मांगें साफ हैं — शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, NTA पर बैन, JPC जांच और छात्रों को न्याय! प्रमुख प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई: दिल्ली:16 मई 2026 को Teen Murti Circle से शिक्षा मंत्री के आवास की ओर मार्च। IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत दर्जनों कार्यकर्ता गिरफ्तार। NTA ऑफिस के बाहर NSUI का भी विरोध, कई डिटेंशन। जयपुर (राजस्थान):21 मई 2026 — BJP मुख्यालय की ओर मार्च पर पुलिस ने पानी की बौछारें (water cannons) चलाईं। शहीद स्मारक पर बैरिकेड तोड़ने की कोशिश में कई कार्यकर्ता घायल। भोपाल (मध्य प्रदेश): NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन पर पुलिस ने water cannons का इस्तेमाल किया, भीड़ को तितर-बितर किया। NEET लीक, Agniveer और फीस वृद्धि के खिलाफ जोरदार विरोध। मुंबई (महाराष्ट्र): 2 जून 2026 — Chaityabhoomi से Shivaji Park मार्च। पुलिस ने बीच में रोका और कई Youth Congress कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर हिरासत में लिया। रांची (झारखंड): 2 जून 2026 — Lok Bhavan के बाहर Youth Congress का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग। अन्य राज्य: बेंगलुरु (कर्नाटक) — 21 मई को Freedom Park पर प्रदर्शन। गोवा (Margao) — 29 मई से Halla Bol शुरू, बड़े नेताओं की मौजूदगी। चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद आदि में भी गिरफ्तारियां और विरोध प्रदर्शन। तो भाई लोग अपने काम का प्रचार क्यों नहीं करते ? अभिजीत दिपके किसकी B टीम है किसकी नहीं,यह साबित करने में क्यों जान खपा रहे हो?

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