कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन अब नए चरण में प्रवेश कर चुका है… इंसानियत , इंसान , छात्र , किसान एक साथ —

नीट परीक्षा धांधली और देश की चरमराती शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के 8वें दिन प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। CJP प्रमुख अभिजीत दीपके के नेतृत्व में चल रहे इस धरने को वांगचुक के आने से भारी मजबूती मिली है। जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध प्रदर्शन को जारी रखने के लिए पर्दे के पीछे कई वॉलंटियर काम कर रहे हैं। इनमें लखनऊ का एक इलेक्ट्रीशियन, पंजाब से आये किसान , दिल्ली का एक रेहड़ी-पटरी वाला, मुंबई का एक डॉक्टर, नर्सिंग प्रोफेशनल, UPSC की तैयारी करने वाले छात्र और PhD स्कॉलर शामिल हैं। हालांकि प्रदर्शनकारी ही सुर्खियों में रहते हैं, लेकिन ये वॉलंटियर जनता से मिलने वाले दान और खाना-पानी का इंतजाम करते हैं। हाल ही में इन चीजों की सप्लाई पर तब सवाल उठे जब पुलिस ने कथित तौर पर उन्हें लाने वालों की पहचान की जांच शुरू कर दी और उनके आने-जाने पर रोक लगाने लगी। शुक्रवार को प्रदर्शन वाली जगह पर राजमा-चावल की प्लेटों के लिए लाइनें लगी थीं, जबकि पानी की बोतलें, टिफिन और खाने के बड़े बर्तन अस्थायी कैंप के एक तरफ रखे हुए थे।

कुछ ही दूरी पर, एक छोटी सी मेज को डिस्पेंसरी बना दिया गया था, जहां सिरदर्द, बुखार और पेट की बीमारी से जुड़ी दवाएं रखी थीं। इन इंतजामों को कोई संगठन नहीं, बल्कि लगभग 15-20 वॉलंटियर्स का एक अनौपचारिक नेटवर्क संभालता है, जो 20 जून को विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद ही एक-दूसरे से मिले थे। मतलब इंसानियत ज़िंदा है… जंतर-मंतर की तपती धूप में जहां छात्र अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, वहीं मोहम्मद जुनैद नाम का यह शख्स बिना थके, बिना रुके, निस्वार्थ भाव से देश के भविष्य (छात्रों) की सेवा में जुटा हुआ है कई दिनों तक लगातार खड़े रहकर छात्रों के लिए भोजन और पानी का इंतजाम करने की वजह से आज जुनैद भाई के पैरों में भारी सूजन आ गई है। लेकिन खूबसूरत बात देखिए जिस सेवा भाव से जुनैद ने छात्रों का ख्याल रखा, आज उनकी बीमारी और तकलीफ में वही छात्र एक परिवार की तरह उनके पैरों की मालिश कर रहे हैं, उनका इलाज कर रहे हैं और उनकी देखभाल में जुटे हैं। यह सिर्फ एक आंदोलन नहीं, बल्कि मानवता, आपसी भाईचारे और कृतज्ञता (Gratitude) की सबसे खूबसूरत मिसाल है। जुनैद भाई के जज्बे को सलाम और छात्रों के इस निस्वार्थ प्यार को नमन!
एक दिल हैं यार कितने बार जीतोगे मोहम्मद जुनेद भाई-पिछले कुछ दिनों से बगैर किसी अपनी गरज के जंतर मंतर पर लोगों को खाना खिला रहे जुनैद भाई जिनके पैरों में खड़े रहने की ताकत भी नहीं बची थी अब वह सिर्फ खाना ही नहीं खिला रहे हैं बल्कि वहां पर जो लोग रात गुजार रहे हैं उन्हें मच्छर काट रहे हैं तो उनके लिए वह मच्छरों को भगाने वाला क्रीम लेकर आए हैं आखिर कोई इंसान ऐसा कैसे हो सकता है
