जोरदार धमाका, चीख-पुकार, पूरा बाजार दहला, वाहनों में आग,पूरा चांदनी चौक बाजार खाली,पुलिस, दमकल और एंबुलेंस के सायरन बजने लगे।

लाल किले के बाहर धमाका इतनी तेज था कि सड़क पर धुआं फैल गया और कई वाहनों में आग लग गई। कुछ लोग घायल अवस्था में सड़क पर पड़े दिखे, जिन्हें राहगीरों ने तत्काल मदद पहुंचाने की कोशिश की और एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही घायलों को ई-रिक्शा की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। धमाका इतनी तेज था कि 50 मीटर दूर लाल किला मेट्रो गेट का शीशा टूट गया। सड़क के दूसरी तरफ चल रही गाड़ियां भी कई फुट ऊंची उछल गई। धमाके वाली कार के आगे पीछे चल रहे वाहन कई मीटर उड़कर दूर गिरे। देखते ही देखते पूरी सड़क आग के गोले में तब्दील हो गई। उसकी जद में आई सारी गाड़ियां जलकर खाक हो गईं। धमाके के बाद पूरी सड़क में धुआं फैला था, खरीदारों और वाहन चालकों के वाहन और उनके जले सामान पड़े थे, अग्निशमन कर्मी वाहनों से निकलते लपटों पर काबू पाने की कोशिश कर रहे थे। हवाओं में जलने की तेज दुर्गंध थी। हर ओर टूटे शीशे, उपकरण, लोगों के जूते चप्पल, खून और मांस के टुकड़े 100 मीटर दूर तक बिखरे थे। रेहड़ी-पटरी वालों के खाने-पीने के सामान, पानी की बोतलें बिखरी हुई थीं। आग बुझाने वाले पानी में मिलकर खून सड़कों पर बह रहा था। कारें, दोपहिया वाहन, ई रिक्शा समेत ऐसे जलकर खाक हुए थे कि उनकी पहचान मुश्किल है।