छठ इनसाइड: बिहारी ही उगते और डूबते सूरज को प्रणाम करते हैं

लोक आस्था, शुद्धता और सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा महापर्व ‘छठ’ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, संस्कृति और मानव जीवन के गहरे अंतर्संबंधों का जीवंत दस्तावेज है। दुनिया की तमाम संस्कृतियों और धर्मों में उगते हुए सूरज, चढ़ते हुए वक्त और सफलता की वंदना करने की परंपरा रही है। लेकिन बिहार … Continue reading छठ इनसाइड: बिहारी ही उगते और डूबते सूरज को प्रणाम करते हैं