पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर SIR प्रक्रिया को कुछ समय के लिए रोकने का अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र में लिखा है, “मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि कृपया इस चल रही प्रक्रिया को रोकने, बलपूर्वक कार्रवाई बंद करने, उचित प्रशिक्षण और सहायता प्रदान करने, और वर्तमान कार्यप्रणाली एवं समय-सीमा का गहन पुनर्मूल्यांकन करने के लिए निर्णायक हस्तक्षेप करें। यदि इस मार्ग को अविलम्ब नहीं सुधारा गया, तो व्यवस्था, अधिकारियों और नागरिकों के लिए इसके परिणाम अपरिवर्तनीय होंगे।
ममता बनर्जी कुछ भी तरीके से SIR बंद करवाने की कोशिश में लगी हुई है। और भी 12 राज्यों में SIR चल रहा है। बिहार में SIR के बाद चुनाव भी हो गया है कोई भी डेथ का मामला सामने नहीं आया है मैंऐसी सोंचती है बीजेपी । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखी है और एसआईआर की प्रक्रिया को अराजक और खतरनाक बताया है। उनके इस पत्र को लेकर भाजपा ने तंज कसा है,चुनावी प्रक्रिया और हमारे लोकतांत्रिक ढांचे की अखंडता की रक्षा के लिए यह हस्तक्षेप न केवल आवश्यक है, बल्कि अनिवार्य भी है। यह एक ऐसा क्षण है जो ज़िम्मेदारी, मानवता और निर्णायक सुधारात्मक कार्रवाई की माँग करता है। मुझे विश्वास है कि आप बिना किसी देरी के, तदनुसार कार्य करेंगे।” अगर 7 फरवरी तक अंतिम मतदाता सूची नहीं होगी, तो अप्रैल में चुनाव नहीं होंगे और संविधान में लिखा है कि उसके बाद क्या होगा। ममता बनर्जी सत्ता खोने के डर से हंगामा कर रही हैं क्योंकि मृत, फर्जी और अवैध मतदाताओं को हटाया जा रहा है… जब 1 करोड़ से ज़्यादा मतदाता हटाए जाएँगे, जो या तो मृत हैं, फर्जी हैं या अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं, तो वह कैसे जीतेंगी… टीएमसी और भाजपा के बीच सिर्फ़ 22 लाख वोटों का अंतर है…”
SIR प्रक्रिया अराजक और खतरनाक- ममता दीदी
Umashankar Singh
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर SIR प्रक्रिया को कुछ समय के लिए रोकने का अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र में लिखा है, “मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि कृपया इस चल रही प्रक्रिया को रोकने, बलपूर्वक कार्रवाई बंद करने, उचित प्रशिक्षण और सहायता प्रदान करने, और वर्तमान कार्यप्रणाली एवं समय-सीमा का गहन पुनर्मूल्यांकन करने के लिए निर्णायक हस्तक्षेप करें। यदि इस मार्ग को अविलम्ब नहीं सुधारा गया, तो व्यवस्था, अधिकारियों और नागरिकों के लिए इसके परिणाम अपरिवर्तनीय होंगे।
ममता बनर्जी कुछ भी तरीके से SIR बंद करवाने की कोशिश में लगी हुई है। और भी 12 राज्यों में SIR चल रहा है। बिहार में SIR के बाद चुनाव भी हो गया है कोई भी डेथ का मामला सामने नहीं आया है मैंऐसी सोंचती है बीजेपी । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखी है और एसआईआर की प्रक्रिया को अराजक और खतरनाक बताया है। उनके इस पत्र को लेकर भाजपा ने तंज कसा है, चुनावी प्रक्रिया और हमारे लोकतांत्रिक ढांचे की अखंडता की रक्षा के लिए यह हस्तक्षेप न केवल आवश्यक है, बल्कि अनिवार्य भी है। यह एक ऐसा क्षण है जो ज़िम्मेदारी, मानवता और निर्णायक सुधारात्मक कार्रवाई की माँग करता है। मुझे विश्वास है कि आप बिना किसी देरी के, तदनुसार कार्य करेंगे।” अगर 7 फरवरी तक अंतिम मतदाता सूची नहीं होगी, तो अप्रैल में चुनाव नहीं होंगे और संविधान में लिखा है कि उसके बाद क्या होगा। ममता बनर्जी सत्ता खोने के डर से हंगामा कर रही हैं क्योंकि मृत, फर्जी और अवैध मतदाताओं को हटाया जा रहा है… जब 1 करोड़ से ज़्यादा मतदाता हटाए जाएँगे, जो या तो मृत हैं, फर्जी हैं या अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं, तो वह कैसे जीतेंगी… टीएमसी और भाजपा के बीच सिर्फ़ 22 लाख वोटों का अंतर है…”
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