ये दुनिया,आपके संघर्ष और कामयाबी को सलाम करेगी।

डॉ.मुश्ताक़ अहमद शाह सहज़,हरदा,मध्य प्रदेश

जीवन की राहों में चलते हुए इंसान अक्सर ऐसे दोराहे पर आ जाता है, जहाँ उसका सामना ख़ुद अपनी ही ज़िद, गुज़रते वक्त और रिश्तों की नज़ाकत से होता है। जहाँ समझौता करने वाला कोई नहीं होता,  इस दुनिया में कामयाबी के बिना रिश्तों के मायने भी बदल जाते हैं। जीवन में कई बार स्थितियाँ ऐसी बन जाती हैं जहाँ इंसान किसी बात पर या अपने किसी लक्ष्य को पाने के लिए इस हद तक अड़ जाता है कि वह झुकना या समझौता करना छोड़ देता है। यह जिद केवल दूसरों से नहीं होती, बल्कि यह ख़ुद के भीतर चल रहे उस संघर्ष से होती है जहाँ इंसान अपनी प्राथमिकताओं, सपनों और आत्मसम्मान के बीच फँसा होता है। इसका अंज़ाम अनिश्चित होता है, लेकिन यह ज़िद ही तय करती है कि व्यक्ति टूटेगा या निख़रकर सामने आएगा। यह दुनिया अक्सर नतीजों को सलाम करती है।

जब तक व्यक्ति के पास मुक़ामा या सफ़लता नहीं होती, तब तक उसके संघर्ष, उसकी भावनाओं और उसकी कोशिशों की उतनी क़ीमत नहीं समझी जाती जितनी परिणाम की। गुज़रता हुआ वक्त इंसान को यह सिखा देता है कि भावनाओं के अपने दायरे हैं, लेकिन सामाजिक और व्यावहारिक जीवन में सफ़लता एक ऐसा आवरण है जो अपनों को जोड़े रखती है। यही कारण है कि इंसान के भीतर एक अनकहा डर और एक मज़बूत ज़िद जन्म लेती है कि उसे हर हाल में खुद को साबित करना है। सिर्फ़ सोचने या ज़िद करने से मंजिल नहीं मिलती। इसके लिए दो सबसे अहम पहियों की जरूरत होती है,मेहनत और मौक़ा। बिना पसीना बहाए, बिना रातों की नींद ख़राब किए और बिना संघर्ष के कोई भी मुकाम हासिल नहीं किया जा सकता। मेहनत वह निवेश है जिसका फ़ल आज नहीं तो कल मिलता ही है। कई बार इंसान मेहनत तो पूरी करता है, लेकिन सही समय पर सही ‘मौका’ हाथ नहीं लगता या वह उसकी पहचान नहीं कर पाता। समझदारी इसी में है कि व्यक्ति अपनी तैयारी पूरी रखे, ताकि जब भी अवसर का दरवाजा खुले, वह उसमें पूरी ताक़त से प्रवेश कर सके।

जिंदगी की यह क़शमक़श और यह दौर हमें यही सिखाता है कि वक्त किसी के लिए नहीं रुकता। अगर आज हालात अनुकूल नहीं हैं या अपने भी पराये से लगने लगे हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि सफ़र रोक दिया जाए। जरूरत इस बात की है कि अपनी ज़िंद को नकारात्मक ऊर्जा बनाने के बजाय उसे अपनी सकारात्मक मेहनत में बदला जाए। जब मेहनत सही दिशा में होती है और वक्त का पहिया घूमता है, तो वही दुनिया जो आज सवाल उठा रही है, कल आपके संघर्ष और कामयाबी की दास्तां को सलाम करेगी।

Change Language