दो महापुरुष, एक तिथि और हमारा धर्म

डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह,सहज़, हरदा, मध्य प्रदेश दो ज्योतियाँ जगी थीं, भारत के भाल पर, एक राह सत्य की, एक स्वाभिमान पर।एक ने अहिंसा से, तोड़ा था अहंकार, दूजे ने अभावों में, दिया था ललकार।गांधी का जंतर था,अंतिम जन का कल्याण, शास्त्री का नारा था जय जवान,जय किसान!दे गए विरासत में, जो सादगी का विचार, … Continue reading दो महापुरुष, एक तिथि और हमारा धर्म