यदि भारत को एक मजबूत लोकतंत्र बने रहना है, तो देश की अदालतों और सरकार के शीर्ष अधिकारियों को इस घटना का स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि समाज में यह संदेश जाए कि खाकी वर्दी किसी को नफरत