गोवा। जब जनप्रतिनिधित्व केवल एक पद तक सीमित न रहकर समाज के सर्वांगीण विकास का माध्यम बन जाए, तब नेतृत्व की एक नई मिसाल स्थापित होती है। गोवा के डाबोलिम क्षेत्र की चिकालिम पंचायत के लोकप्रिय सरपंच कमला प्रसाद यादव आज ऐसे ही जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके हैं।

प्रशासनिक दक्षता, सामाजिक प्रतिबद्धता, शिक्षा के प्रति समर्पण और खेलों के विकास के प्रति उनकी दूरदर्शी सोच ने उन्हें गोवा के प्रमुख जननेताओं की अग्रिम पंक्ति में स्थापित किया है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सड़क निर्माण, जल निकासी व्यवस्था, स्वच्छता, सार्वजनिक सुविधाओं और आधारभूत ढाँचे के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। शिक्षा, आवास अधिकार और जनसुविधाओं से जुड़े विषयों पर निरंतर कार्य करते हुए उन्होंने पंचायत प्रशासन को आम जनता की अपेक्षाओं और आवश्यकताओं से जोड़ा। स्थानीय नागरिकों के साथ सतत संवाद तथा राज्य सरकार के साथ प्रभावी समन्वय उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता रही है।

कमला प्रसाद यादव का स्पष्ट विश्वास है कि “शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है।” इसी विचार को व्यवहार में उतारते हुए उन्होंने अपने जन्मदिवस के अवसर पर डाबोलिम के सरकारी माध्यमिक विद्यालय को विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन के लिए एक स्कूल बस भेंट की। इसके अतिरिक्त विद्यालय में अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण हेतु भी उन्होंने व्यक्तिगत रूप से आर्थिक सहयोग प्रदान किया, जिससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सका।
‘गोमती फाउंडेशन’ के माध्यम से जनसेवा की अनूठी मिसाल
अपनी माताजी की स्मृति में स्थापित “गोमती फाउंडेशन” के माध्यम से कमला प्रसाद यादव ने समाज सेवा को एक नई दिशा प्रदान की है। कोरोना महामारी के कठिन दौर में उन्होंने अपनी निजी गाड़ी को एंबुलेंस के रूप में उपलब्ध कराकर जरूरतमंदों की सहायता की। डाबोलिम में स्कूली बच्चों के लिए आधुनिक विद्यालय भवन के निर्माण में सहयोग दिया तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से प्रतिदिन एक पौधा लगाने का संकल्प लेकर समाज में जनजागरूकता का संदेश दिया। उनकी ये पहलें समाज कल्याण के प्रति उनकी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं।
सामाजिक सेवा के साथ-साथ कमला प्रसाद यादव एक सफल उद्यमी भी हैं। रियल एस्टेट एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। आधुनिक तकनीक और नवाचार आधारित निर्माण कार्यों के माध्यम से उन्होंने गोवा में गुणवत्तापूर्ण आवासीय परियोजनाओं को नई दिशा दी है। वेंचर बिल्डिंग ड्रीम्स के संस्थापक निदेशकों में शामिल रहते हुए उन्होंने पिछले एक दशक में निर्माण क्षेत्र में उत्कृष्टता, पारदर्शिता और ग्राहक संतुष्टि के नए मानदंड स्थापित किए हैं।
खेलों के विकास के प्रति विशेष समर्पण
खेलों के क्षेत्र में भी कमला प्रसाद यादव का योगदान अत्यंत प्रेरणादायक रहा है। उनकी परिकल्पना से स्थापित 1919 स्पोर्ट्ज क्रिकेट स्टेडियम आज गोवा के उभरते क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र बन चुका है। वेरना में निर्मित इस अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले क्रिकेट स्टेडियम में फ्लडलाइट, आधुनिक पवेलियन, दर्शक दीर्घा तथा पेशेवर प्रशिक्षण जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इस स्टेडियम का उद्घाटन गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत तथा भारतीय टी-20 क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ, जिसने राज्य में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा प्रदान की। खेलों के प्रति उनका समर्पण उनके परिवार में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उनकी पुत्री हर्षिता यादव गोवा अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम की कप्तान रह चुकी हैं तथा उनका चयन बीसीसीआई के प्रतिष्ठित अंडर-19 गर्ल्स एलीट कैंप के लिए भी हुआ है। वहीं उनके पुत्र वीर यादव भी जूनियर स्तर पर गोवा का प्रतिनिधित्व करते हुए क्रिकेट में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रहे हैं।
जनसेवा, दूरदर्शी नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और विकासोन्मुख सोच को अपने जीवन का आधार बनाने वाले कमला प्रसाद यादव आज गोवा में एक सशक्त एवं विश्वसनीय जननेता के रूप में स्थापित हैं। समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर विकास की नई इबारत लिखने का उनका संकल्प उन्हें सार्वजनिक जीवन में निरंतर एक प्रभावशाली और प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व बनाता है।
“समाज की सेवा ही सर्वोच्च दायित्व है” — इसी संकल्प के साथ कमला प्रसाद यादव निरंतर गोवा के विकास, जनकल्याण और सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।



