पिता जी का असली महत्व जीते जी समझो क्योंकि इस धरती पर पिता से ज्यादा तुम्हें चाहने वाला कोई नहीं

पिता, एक एहसास ,एक उम्मीद , एक आस , जीवन का आधार , बाहर से सख्त अंदर से नर्म , पेट पर सुलाने वाला बिछौना , जीवन का सारथि, परिवार की हिम्मत और परिवार का विश्वास, एक दोस्त, एक भाई और एक बाप .

“पिता” क्या ये सिर्फ नाम है या एहसास ?  पिता  एक उम्मीद है, एक आस है परिवार की हिम्मत और विश्वास है,बाहर से सख्त अंदर से नर्म है उसके दिल में दफन कई मर्म हैं। पिता जी संघर्ष की आंधियों में हौसलों की दीवार है परेशानियों से लड़ने को दोधारी तलवार है, बचपन में खुश करने वाला खिलौना है नींद लगे तो पेट पर सुलाने वाला बिछौना है। पिता जी जिम्मेवारियों से लदी गाड़ी का सारथी है सबको बराबर का हक दिलाता यही एक महारथी है, सपनों को पूरा करने में लगने वाली जान है इसी से तो माँ और बच्चों की पहचान है। पिता जी जमीर है पिता जागीर है जिसके पास ये है वह सबसे अमीर है,  कहने को सब ऊपर वाला देता है सबकुछ  पर खुदा का ही एक रूप पिता का शरीर है। जीवन का आधार होते हैं पिता जी , पिता जी  से ही घर होता है,  पिता ही जीवन में सबसे महत्वपूर्ण होते है बिना पिता जी  के जीवन नरक सा लगता है. माता पिता के बिना जीवन एक कटी हुई पतंग के सामान हो जाता है पिता हमारे जीवन में बहुत महत्व रखते हैं पिता न होते तो शायद मेरा या आपका  कोई अस्तित्व ही न होता, पिता बिना किसी लोभ के अपने बच्चों के लिए पूरी जिंदगी मेहनत करते है ताकि उनका बच्चा पढ़ लिख कर बड़ा आदमी बने और उनका नाम गर्व से ऊँचा हो. हर पिता की एक ही चाहत होती है की वो अपने बच्चों के नाम से जाना जाये, हर हाल में माता पिता चाहते हैं की हमारे बच्चे को किसी भी प्रकार का दुःख न देखना पड़े, पिता एक कठोर व्यक्ति होता है एक  नीम के पेड़ की तरह कड़वा परन्तु छांया ठंडी देता है। मेरे पिता जी मेरा सब कुछ है वो मुझे इतना डाटते है जिसकी कोई हद नहीं होती। कभी कभी तो लगता है की पिताजी को डाटने के अलावा और कोई काम नहीं और तो और जब भी में पढ़ता हूँ तब कभी नहीं देखते। जिस दिन में सो जाऊ उसी दिन पकड़ा जाता हु और फिर पीटता हूँ कि मुझे सोने के अलावा और कोई काम नहीं। पापा को कैसे समझाऊ की कभी कभी थोड़ा ज्यादा सोने से मुझ पर कोई आफत नहीं आएगी पर उन्हें लगता है मैं सोता रहता हूँ, खाता रहता हूँ। अरे मैं पढ़ता भी हूँ, जब पढ़ता हूँ तब कभी क्यों नहीं देखते मुझे’ पर उनकी डाट में भी प्यार है। उनके डाटने से मुझे बुरा नहीं लगता क्योंकि वो डाटते है तो मेरे भले के लिए डाटते है। मुझे कभी कोई चीज मांगनी नहीं पड़ती पिताजी  हमेशा से पहले से मेरी हर जरूरत का ध्यान रखते है, वो कभी अपने लिए कुछ खरीदते मैने देखा नहीं और हमारे लिए कुछ लाये न हो ऐसा हुआ नहीं। अपनी हर खुशी से पहले हमारी खुशी देखते है, अपनी हर जरूरत से पहले हमारी जरूरत पूरी करते है। मैं और आप कितना भी बड़ा हो जाये उन्हें आज भी बच्चा लगता हूँ। अब भी पापा मुझे कहीं जाते देख यही कहते है कि ध्यान से जाना और सीधे घर आना..! पर पिताजी को कौन समझाये की अरे अब गलिया ही टेडी है तो मैं सीधे घर कैसे आऊंगा।

पिता दिखाता है कैसे जीना है पिता के बिना जीवन अधूरा है।….पिता अपनी संतान को जानता है .पिता को संतुष्ट करना असंभव है। पिता का कंधा बड़ा मजबूत होता है.पिता का गुस्सा उनका प्यार होता है।पिता सौ स्कूल मास्टरों से बड़ा होता है।पिता के लिए बच्चे से प्रिय कुछ भी नहीं।पिता शादी और करीयर एक साथ चला लेता है।…पिता दुनिया के सबसे मजबूत और ताकतवर इंसान हैं. पिता जी  हर फर्ज निभाते हैं,जीवन भर कर्ज चुकाते हैं  बच्चे की एक खुशी के लिए,अपने सुख भूल ही जाते हैं फिर क्यों ऐसे पिता जी  के लिए,बच्चे कुछ कर ही नही पाते ऐसे सच्चे पिता जी को क्यों कुछ लोग , पिता जी कहने में भी सकुचाते हैं पिता जी  का आशीष हमें  बनाता है, बच्चे का जीवन सुखदाइ, पर कुछ बच्चे भूल जाते हैं,यह कैसी आँधी है आई  जिससे सब कुछ पाया है, जिसने सब कुछ सिखलाया है कोटि नमन ऐसे पिता जी को, जो हर पल साथ निभाया है  प्यारे पिता जी  के प्यार भरे, सीने से जो लग जाते हैं  सच कहता हूँ विश्वास करो, जीवन में सदा सुख पाते हैं उपकार पिता के गिनती करना मुश्किल है, पिता के उत्तरदायित्व गिनाना मुश्किल है। शिराओं में रक्त पिता का बहे, कूट-कूट स्वाभिमान पिता का भरा, भुलाना मुश्किल है रग रग में है, पिता समाया छुपाना मुश्किल है। पिता के घर आंगन के आगे, नभ भी छोटा लगता है, पिता की अपने अपनत्व के, आगे जग भी छोटा लगता है। आसमान-सा विस्तृत, पिता का महत्व बड़ा, हित-चिंतक न, कोई भी उनसे बड़ा। हर दस्तावेज में, पिता साथ में होता है, उनके नाम बिना कुछ भी,करना मुश्किल होता है।

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