ईश्वर से आगे कौन रहा —

डॉ . मुश्ताक अहमद शाह ” सहज़ “, हरदा, मध्यप्रदेश

ईश्वर से आगे कौन रहा •
मानव नादान अनन्त काल,का तू तीर्थ नहीं है ,
क्षणिक मात्र का तु तो है,सपना ये मालुम नहीं है ,
रहस्य , अलौकिक , शक्ति, पर अपना ध्यान लगा ले ,
ईश्वर ही सत्य ,अमर अनन्त, तुझको भान नहीं है ,
धार्मिकअनुभवों सेरिश्ता, कर तर भव सागर से जाएगा ,
गूढ़ अनुभव की नैसर्गिकता गुणवत्ता छणिक मात्र नहीं है ,
शक्ति शाली तू ,शक्ति हीन सा निरंन्तर होता जाएगा ,
भगवान की उपस्थिति की निश्चितता का ज्ञान नहीं है ,
जीवन का रहस्य रहस्य ही रहा , ईश्वर से आगे कौन रहा ,
सर्वशक्ति मान सर्वदा रहा रहेगा मुश्ताक तू अज्ञान नहीं ,

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